उबासी आना बहुत सामान्य बात है। हर किसी को किसी भी वक्त उबासी आ सकती है। एक सामान्य व्यक्ति आराम से दिनभर में एक से दो बार जम्हाई तो लेता ही है। कई बार जब नींद पूरी नहीं हो पाती है या बहुत जोर से नींद आ रही होती है तो यह उबासी बार-बार आती है। मौसम सुस्त रहता है तब भी उबासी अधिक आती है लेकिन कई सारे लोग ऐसे हैं जिन्हें बिना किसी कारण के भी बार-बार उबासी आती है। वे दिन में 8-10 बार उबासी यूं ही ले लेते हैं। ऐसे में इस समस्या को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है। अगली स्लाइड्स से जानिए बार-बार उबासी आने से कौनसी बीमारियां हो सकती है।
यदि आपको भी बार-बार उबासी आती है तो हो जाइए सावधान, हो सकती है दिल की बीमारी
दिल की बीमारी
बार-बार उबासी आना दिल की बीमारी का संकेत भी हो सकता है। एक अध्ययन के मुताबिक, दिल और फेफड़े के बीमारियों में इंसान को बार-बार उबासी आती है। इसलिए इस संकेत को हल्के में न लें। शरीर में ऊर्जा रहने के बावजूद यदि बार-बार उबासी आ रही है तो चिकित्सक को जरूर दिखा दें। जब दिल और फेफड़े सही ढंग से काम नहीं करते हैं तो पूरी संभावना है कि इंसान को आगे चलकर अस्थमा की समस्या भी हो जाए। इसलिए समय रहते इनका उपचार करवा लें।
ब्लड प्रेशर का कम होना
बार-बार उबासी आना कम ब्लड प्रेशर का संकेत है। तनाव से अक्सर लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ऐसा होने पर ऑक्सीजन ठीक से दिमाग तक नहीं पहुंच पाती है। तब मनुष्य को बार-बार उबासी आती है क्योंकि इसके जरिये शरीर में ऑक्सीजन पहुंचती है। अगर आपको जरूरत से ज्यादा उबासी आ रही है तो एक बार अपना ब्लड प्रेशर जरूर देख लें। ऐसा न हो कि उबासियों को नजरअंदाज करने पर स्थिति और भी बिगड़ जाए।
लीवर खराब होना
लीवर जब खराब होने लगता है शरीर में बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है। यदि आपको अचानक ही कुछ दिनों से शरीर में थकान और कमजोरी महसूस हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें और इस थकान के साथ बार- बार उबासी आ रही है तब तो यह चिंता का विषय है क्योंकि ऐसा होना लीवर खराब होने का संकेत है। सही समय पर यदि लीवर का चेकअप नहीं करवाया तो स्थिति और भी खराब हो सकती है।
थॉयराइड की समस्या होने पर भी उबासी आने लगती है। जब हमें नहीं पता होता है कि हम ऐसी किसी समस्या का शिकार होने वाले हैं तो इसका प्रारंभिक लक्षक के तौर पर बार-बार उबासी आने लगती है। इसलिए बार-बार आ रही उबासी को मौसम या नींद पूरी न हो पाने का बहाना बनाकर न टालिये। शरीर में जब थॉयरॉयड हार्मोन कम होने के कारण भी यह सब होने लगता है।