Bad Habits and Joint Pain: जोड़ों का दर्द, जिसे हम अक्सर बढ़ती उम्र की निशानी मानते हैं, आजकल युवाओं में भी एक आम समस्या बन गया है। कई बार तो यह दर्द इतना असहनीय हो जाता है कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि इसका कारण सिर्फ आर्थराइटिस या कोई चोट है, लेकिन दिनचर्या की कुछ गलतियां भी इस समस्या के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
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Joint Pain: रोजमर्रा की इन गलतियों की वजह से बढ़ जाता है जोड़ों के दर्द का खतरा, आज से ही बरतें ये सावधानियां
Sat, 06 Sep 2025 12:51 PM IST
शिखर बरनवाल
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:51 PM IST
सार
आज के समय में बहुत से लोगों को कम उम्र में ही ज्वाइंट पेन की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दिनचर्या में हम अक्सर कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जिससे जोड़ों में दर्द होने का खतरा बढ़ जाता है। आइए इस लेख में उन्हीं गलत आदतों के बारे में जानते हैं।
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हड्डियों की समस्या
- फोटो : Freepik.com
खराब पॉश्चर
- फोटो : Adobe Stock
गलत पोस्चर और एक जगह पर बैठे रहना
गलत पोस्चर में बैठना या खड़े रहना जोड़ों के दर्द का एक बड़ा कारण है। जब आप झुककर या कंधे झुकाकर बैठते हैं, तो रीढ़ और कूल्हों के जोड़ों पर दबाव बढ़ता है। इसी तरह, लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने से भी जोड़ों में अकड़न और दर्द हो सकता है। ऑफिस में काम करने वाले लोगों के लिए यह समस्या आम है।
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गलत पोस्चर में बैठना या खड़े रहना जोड़ों के दर्द का एक बड़ा कारण है। जब आप झुककर या कंधे झुकाकर बैठते हैं, तो रीढ़ और कूल्हों के जोड़ों पर दबाव बढ़ता है। इसी तरह, लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने से भी जोड़ों में अकड़न और दर्द हो सकता है। ऑफिस में काम करने वाले लोगों के लिए यह समस्या आम है।
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मोटापा
- फोटो : Adobe stock photos
वजन का अधिक होना
शरीर का अतिरिक्त वजन भी जोड़ों पर अनावश्यक दबाव डालता है, खासकर घुटनों, कूल्हों और टखनों के जोड़ों पर। अधिक वजन होने से कार्टिलेज पर दबाव बढ़ता है, जिससे वह जल्दी घिसने लगता है और जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है। स्वस्थ वजन बनाए रखना जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।
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शरीर का अतिरिक्त वजन भी जोड़ों पर अनावश्यक दबाव डालता है, खासकर घुटनों, कूल्हों और टखनों के जोड़ों पर। अधिक वजन होने से कार्टिलेज पर दबाव बढ़ता है, जिससे वह जल्दी घिसने लगता है और जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है। स्वस्थ वजन बनाए रखना जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।
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हड्डियों की समस्या
- फोटो : Freepik.com
गलत जूते पहनना
आप जो जूते पहनते हैं, उसका सीधा असर आपके घुटनों और टखनों पर पड़ता है। ऊंची एड़ी या फ्लैट, बिना सपोर्ट वाले जूते पहनने से शरीर का संतुलन बिगड़ता है और जोड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है। इसलिए ऐसे जूते पहनें जो आपके पैरों को सही सपोर्ट दें।
आप जो जूते पहनते हैं, उसका सीधा असर आपके घुटनों और टखनों पर पड़ता है। ऊंची एड़ी या फ्लैट, बिना सपोर्ट वाले जूते पहनने से शरीर का संतुलन बिगड़ता है और जोड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है। इसलिए ऐसे जूते पहनें जो आपके पैरों को सही सपोर्ट दें।
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हड्डियों की समस्या
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बरतें ये सावधानियां
जोड़ों के दर्द से बचने के लिए अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव लाएं। सबसे पहले, सही पोस्चर में बैठें और हर घंटे कम से कम 5-10 मिनट के लिए ब्रेक लें। नियमित रूप से व्यायाम करें, जैसे स्ट्रेचिंग और योगा। अपनी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड (अखरोट, अलसी) और कैल्शियम (दूध, दही) से भरपूर चीजों को शामिल करें। अगर दर्द बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
जोड़ों के दर्द से बचने के लिए अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव लाएं। सबसे पहले, सही पोस्चर में बैठें और हर घंटे कम से कम 5-10 मिनट के लिए ब्रेक लें। नियमित रूप से व्यायाम करें, जैसे स्ट्रेचिंग और योगा। अपनी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड (अखरोट, अलसी) और कैल्शियम (दूध, दही) से भरपूर चीजों को शामिल करें। अगर दर्द बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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