High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर भले ही आज के समय में एक आम सी समस्या बन गई है, पर असलियत ये है कि ये स्थिति सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है। कम उम्र के लोगों में भी ब्लड प्रेशर की दिक्कत अब तेजी से बढ़ती जा रही है। आधुनिक जीवनशैली ने तनाव, नींद की कमी, फास्ट फूड की लत और बैठे रहने की आदत बना दी है। नतीजा ये है कि हाई ब्लड प्रेशर की उम्र घट गई और अब ये युवाओं को भी अपना शिकार बनाता जा रहा है।
High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर के लिए सिर्फ नमक ही 'विलेन' नहीं, ये चीजें भी बढ़ा सकती हैं खतरा
- विशेषज्ञ, हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर समस्या के रूप में वर्गीकृत करते हैं क्योंकि ये धीरे-धीरे शरीर के हर अंग को चुपचाप नुकसान पहुंचाने लगती है।
- जिन लोगों में हाई बीपी की दिक्कत होती है उनमें हृदय और किडनी रोगों के साथ, आंखों और दिमाग से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं।
सिर्फ नमक ही नहीं है विलेन
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि सिर्फ आहार से नमक की मात्रा को ही कम कर दिया जाए तो ये हाई ब्लड प्रेशर से बचाए रखने में मददगार है, पर ये बात पूरी तरह से सही नहीं है। आहार विशेषज्ञ बताते हैं, सिर्फ नमक ही नहीं, चीनी- ज्यादा कैफीन, शराब-धूम्रपान और लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहना भी समस्याएं बढ़ाने वाला हो सकता है।
आइए जानते हैं कि नमक के अलावा और किन-किन चीजों के कारण भी आपका ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है?
इन चीजों से भी बढ़ता है ब्लड प्रेशर
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नमक के अलावा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन और पेय पदार्थों में पाई जाने वाली अतिरिक्त चीनी भी रक्तचाप बढ़ा सकती है। इन चीजों के अधिक सेवन के कारण दिल का दौरा, स्ट्रोक और समय से पहले मौत का खतरा भी बढ़ सकता है।
शोध से पता चलता है कि जो लोग अपनी दैनिक कैलोरी का एक चौथाई से अधिक, ऐडेड शुगर वाली चीजों से प्राप्त करते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और इससे मरने की आशंका तीन गुना तक अधिक हो सकती है। आमतौर पर कोल्ड ड्रिंक्स-सोडा और रेडी टू ईट खाद्य पदार्थों में ऐडेड शुगर की मात्रा अधिक होती है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का कहना है कि अतिरिक्त शुगर और इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी की कमी के कारण लोग तय मात्रा से ज्यादा चीनी का सेवन कर रहे हैं, जिससे कई संभावित जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है।
पहले के अध्ययनों में भी ये स्पष्ट हो चुका है कि अधिक चीनी के सेवन और मेटाबॉलिक सिंड्रोम के बीच गहरा संबंध है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम के कारण व्यक्ति में टाइप-2 डायबिटीज, ब्लड प्रेशर से लेकर हृदय तथा रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली अन्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है।
यूरिक एसिड और इससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा
कुछ शोधकर्ताओं ने यह भी सुझाव दिया है कि अतिरिक्त शर्करा वाली चीजें शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को भी बढ़ा सकती है।
यूरिक एसिड का उच्च स्तर किडनी में नाइट्रिक ऑक्साइड के सामान्य उत्पादन में बाधा डाल सकती है, जो रक्त वाहिकाओं को शिथिल करने में मदद करता है। ऐसा माना जाता है कि यूरिक एसिड की अधिकता किडनी में रक्त वाहिकाओं को संकुचित करके ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है।
शोधकर्ताओं का सुझाव है कि ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए नमक के साथ एडेड शुगर और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करना भी जरूरी है। खानपान में इन सुधारों के साथ शारीरिक सक्रियता को बढ़ाना भी जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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