Walking Barefoot On Grass Benefits: हमारे देश में यह बात पीढ़ियों से कही जाती रही है कि सुबह की ओस वाली घास पर नंगे पैर चलने से आंखों की रोशनी तेज होती है। लेकिन क्या यह वैज्ञानिक रूप से सच है? चिकित्सा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के अनुसार, सुबह घास पर नंगे पैर चलने से आंखों की रोशनी सीधे तौर पर नहीं बढ़ती है और न ही यह चश्मे के नंबर या 'रिफ्रैक्टिव एरर' (जैसे मायोपिया या हाइपरोपिया) को ठीक कर सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह अभ्यास बेकार है।
Morning Walk: क्या सुबह नंगे पांव घास पर टहलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है? जान लें हकीकत
Benefits Of Earthing For Stress: हमारे समाज में एक भ्रांति फैली हुई है कि सुबह में नंगे पैर घास पर चलने से आंख की रोशनी बढ़ती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक घास पर नंगे पांव चलने से आंखों के रोशनी पर सीधे कोई फर्क नहीं पड़ता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
तनाव और आंखों के बीच का कनेक्शन
वैज्ञानिक रूप से, अत्यधिक मानसिक तनाव और 'कोर्टिसोल' हार्मोन का बढ़ना आंखों की नसों पर दबाव डालता है, जिससे धुंधलापन महसूस हो सकता है। घास पर टहलने से शरीर का 'पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम' सक्रिय होता है, जो मांसपेशियों को रिलैक्स करता है। जब आपका दिमाग शांत होता है, तो आंखों की फोकस करने वाली मांसपेशियों पर पड़ने वाला खिंचाव कम हो जाता है, जिससे डिजिटल आई स्ट्रेन से तुरंत राहत मिलती है।
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फुट रिफ्लेक्सोलॉजी
एक्यूप्रेशर के सिद्धांतों के अनुसार पैरों के तलवों में कुछ विशेष बिंदु होते हैं जो तंत्रिका तंत्र से जुड़े होते हैं। घास की कोमलता और असमान सतह पर चलने से इन बिंदुओं पर हल्का दबाव पड़ता है, जो ब्लड सर्कुलेशन में सुधार कर सकता है। हालांकि यह दृष्टि दोष को जड़ से खत्म नहीं करता, लेकिन यह आंखों को ताजगी और सुकून देने वाली एक सहायक प्रक्रिया के रूप में काम करती है।
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अर्थिंग के लाभ
हरा रंग की घास आंखों के रेटिना के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। साथ ही जमीन के सीधे संपर्क में आने से होने वाली 'अर्थिंग' शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करती है। यह अप्रत्यक्ष लाभ आंखों की कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। सुबह की ताजी ऑक्सीजन और प्राकृतिक रोशनी विटामिन-D के लेवल को भी संतुलित करती है, जो समग्र नेत्र स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।
सुबह घास पर टहलना एक बेहतरीन जीवनशैली की आदत है, लेकिन इसे आंखों के इलाज या चश्मे के विकल्प के रूप में नहीं देखना चाहिए। दृष्टि दोष होने पर डॉक्टर से परामर्श और चश्मा पहनना ही सही उपचार है। नेचर के साथ बिताया गया यह समय आपकी आंखों को आराम देने, तनाव घटाने और आपको मानसिक रूप से सक्रिय रखने का एक माध्यम मात्र है। स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम के साथ इसे अपनाकर आप अपनी आंखों की चमक बरकरार रख सकते हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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