कोरोना वायरस के रूप बदलने के साथ ही इसके लक्षणों में भी बदलाव आते रहे हैं। खबरों के मुताबिक, हैदराबाद के दो अस्पतालों में उल्टी, दस्त और सिरदर्द से पीड़ित मरीजों में भी कोरोना वायरस संक्रमण मिला है। ऐसे चौंकाने वाले कम से कम 30 मामले सामने आ चुके हैं, जिसका एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह वायरस मौसम के हिसाब से अपने रूप में बदलाव कर रहा है। अबतक जहां सिरदर्द, खांसी, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ आदि को ही कोरोना का मुख्य लक्षण माना जाता रहा था, वहीं नए मामलों ने स्थानीय डॉक्टरों समेत देश-विदेश के विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
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Coronavirus New Symptoms: पेट से जुड़ी इन समस्याओं को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं कोरोना के लक्षण
Wed, 08 Jul 2020 07:10 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Wed, 08 Jul 2020 07:10 PM IST
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Coronavirus Symptoms
- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- डॉक्टरों का कहना है कि 15 जून से पहले अस्पतालों में आने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों में जुकाम, बुखार और सांस लेने में तकलीफ के लक्षण ही होते थे, लेकिन 15 जून के बाद हैदराबाद के चेस्ट हॉस्पिटल और किंग कोटी डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में ऐसे कई मरीज भर्ती हुए हैं, जिन्हें सर्दी-जुकाम की बजाय डायरिया, उल्टी और सिरदर्द की शिकायत थी। बीते 20 जून से 30 जून के बीच इन अस्पतालों में आए कुल 62 संक्रमित मरीजों में से 30 मरीजों में नए लक्षण थे।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
फेफड़ों की जगह पाचन तंत्र पर हमला कर रहा वायरस
- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि यह वायरस अब फेफड़ों की जगह शरीर में गैस्ट्रोइंटेस्टाइन ट्रैक्ट यानी पाचन तंत्र के मार्ग पर हमला कर रहा है। इस वजह से गंभीर रूप से डायरिया से मरीज ग्रस्त हो जाता है और उसे उल्टी आने लगती है।
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कोरोना वायरस की जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
- चिकित्सकों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी होने लगती है। इससे शरीर में कमजोरी महसूस होती है। इसके साथ ही शरीर में ऑक्सीजन, ब्लड लेवल, शुगर लेवल गिरने लगता है। ऐसी स्थिति में अचानक मौत भी हो सकती है। बहुत से मरीजों को दो से तीन दिन तक उल्टी की समस्या बनी रहती है।
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कोरोना वायरस की जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : Pixabay
हल्के में न लें लोग, डॉक्टर की सलाह जरूरी
- डॉक्टरों ने यह पता लगाया है कि मौसम के हिसाब से यह वायरस अपनी जिनोमिक संरचना को बदल रहा है ताकि इंसानी शरीर में वह खुद को अस्तित्व में रख सके और संक्रमण फैला सके। चिकित्सकों का कहना है कि बरसात में पेट खराब होने को लोग सामान्य मानते हैं और ऐसी स्थिति में शायद ही कोरोना की जांच कराने के लिए अस्पताल जाएं। लेकिन यह बहुत जरूरी है। अस्पताल आने वाले डायरिया के मरीजों के लिए भी कोरोना की जांच करना नई चुनौती है।