डायबिटीज के मरीज रखें विशेष ध्यान, चीनी की मिठाइयों से रहें दूर
उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश है कि चीनी मुक्त खाद्य को कुल कैलोरी का 10 प्रतिशत से भी कम होना चाहिए, जिससे जीवन में डायबिटीज जैसी बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके। जीवनशैली की वजह से आने वाली बीमारियों का सीधा संबंध हमारे खानपान से होता है। जानकारी के अभाव में लोग पोषण पर ध्यान नहीं देते हैं, जो भी मिला खा लिया। कभी चीनी ज्यादा खाई तो कभी वसा की मात्रा बढ़ गई। आमतौर पर लोग इसे नजरअंदाज करते रहते हैं।
त्योहार पर बाजार के बजाय घर में बनी मिठाई का सेवन करना फायदेमंद रहता है। मधुमेह से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं अथवा शुगर के बॉर्डर लाइन पर पहुंच चुके लोग घर में बनी मिठाई का सेवन करें। इसके लिए नेचुरल चीनी के साथ फ्रूट को मिलाकर मिठाई बना सकते हैं। शहद का भी प्रयोग कर सकते हैं। मधुमेह के मरीज इस बात का ध्यान रखें कि वे इसका प्रयोग सिर्फ स्वाद के लिए करें।
गर्भावस्था में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में कई तरह से बदलाव आते हैं। जो महिलाएं मधुमेह से ग्रसित हैं। उन्हें खानपान का विशेष तौर से ध्यान रखना पड़ता है। इस अवस्था में परहेज वाली चीजों को खाने का ज्यादा मन करता है। इसका विकल्प फ्री शुगर है जो मिठास से समझौता किए बिना कुल कैलोरी आहार को कम करता है। इसे खीर अथवा अन्य चीजों में प्रयोग किया जा सकता है।