पिछले एक दशक में दुनियाभर में जिन बीमारियों का खतरा सबसे अधिक बढ़ा है, डायबिटीज रोग उनमें से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे 'साइलेंट किलर' रोग के नाम से जानते हैं, इसका कारण यह है कि डायबिटीज, समय के साथ शरीर को कमजोर करती जाती है। इतना ही नहीं डायबिटीज के कारण शरीर में कई प्रकार की अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, जो कुछ स्थितियों में जानलेवा भी हो सकती हैं। डायबिटीज के रोगियों को हृदय रोग, धुंधला दिखाई देने, कमजोरी सहित कई अन्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। पर क्या डायबिटीज, मानसिक रोगों का भी कारण बन सकती है? जवाब है-हां।
World diabetes day 2021: डायबिटीज रोगियों में इस मानसिक बीमारी का खतरा होता है अधिक, हार्वर्ड विशेषज्ञों का दावा
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डायबिटीज के कारण डेमेंशिया का खतरा
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन लोगों को डायबिटीज, विशेषकर टाइप-2 डायबिटीज होता है, उनमें डेमेंशिया विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। डेमेंशिया के कारण चीजों को याद रखने, सोचने या किसी निर्णय तक पहुंचने में कठिनाई होती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ एंड्रयू ई बडसन कहते हैं, डायबिटीज रोगियों में डेमेंशिया विकसित होने के कई कारण हो सकते हैं, इसमें डायबिटीज का मस्तिष्क पर पड़ने वाला असर सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
अध्ययन में क्या पता चला?
लंदन के सरकारी विभागों में 10,308 कर्मचारियों पर किए गए अध्ययन में मधुमेह के शुरुआती की उम्र और डिमेंशिया के विकास के बीच संबंध की जांच की गई। शोधकर्ताओं इसमें से हर 1,000 लोगों की अलग-अलग सालाना जांच की जिसमें 70 साल की उम्र तक बिना मधुमेह वाले लोगों में डेमेंशिया की दर 8.9 प्रतिशत पाई गई। तमाम आयु वर्ग के लोगों पर किए गए अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया कि जितनी कम उम्र में आपमें डायबिटीज का पता चलता है, डेमेंशिया के विकसित होने का खतरा उतना अधिक हो सकता है।
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
प्रमुख अध्ययनकर्ता डॉ बडसन लिखते हैं, कई कारण हैं जिसमें टाइप-2 मधुमेह के निदान की आयु और डेमेंशिया के जोखिम के बारे में पता चलता है। इसमें से एक कारण मधुमेह के हृदय पर पड़ने वाले प्रभावों से संबंधित है। चूंकि हृदय का स्वास्थ्य, मस्तिष्क के स्वास्थ्य से संबंधित होता है। हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर, दोनों स्ट्रोक से जुड़े हैं, यह कुछ स्थितियों में डेमेंशिया का भी कारण बन सकते हैं। कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि स्ट्रोक को नियंत्रित किए जाने पर भी डायबिटीज के कारण डेमेंशिया का खतरा हो सकता है।
डायबिटीज और डेमेंशिया से बचाव
डॉ बडसन कहते हैं, कुछ बातों को ध्यान में रखकर डायबिटीज रोगी डेमेंशिया के खतरे को कम कर सकते हैं। जीवनशैली में बदलाव और स्वस्थ आहार का सेवन करना इसके लिए सबसे आवश्यक होता है। यदि आपको डायबिटीज है या नहीं भी है तो भी हर दिन कम से कम 30 मिनट और सप्ताह में पांच दिन एरोबिक व्यायाम जरूर करें। भोजन में स्वस्थ और पौष्टिक चीजों को शामिल करने के साथ वजन को नियंत्रित बनाए रखें। डायबिटीज के साथ हाई ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करें। शराब और धूम्रपान से बिल्कुल दूरी बनाकर आप तमाम समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
What’s the relationship between diabetes and dementia?
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