राजधानी दिल्ली इन दिनों दो प्रकार की बीमारियों की चपेट में है। पहला- आई फ्लू का संक्रमण और दूसरा धीमी गति से ही सही लेकर डेंगू के बढ़ते मामले। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इन दोनों ही बीमारियों के लिए पिछले दिनों हुई तेज बारिश और इसके कारण जलजमाव की समस्या एक कारण हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इन बीमारियों से बचाव के लिए उपाय करते रहने की आवश्यकता है।
Dengue Update: दिल्ली में डेंगू के 'खतरनाक स्ट्रेन' को लेकर अलर्ट, जानिए कैसे होते हैं इसके लक्षण
दिल्ली में डेंगू के खतरनाक स्ट्रेन का पता चला
राजधानी दिल्ली में डेंगू की समस्या को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बैठक की और राज्य में स्थिति का जायजा लिया। दिल्ली सरकार ने कहा कि जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए 20 डेंगू सैंपल में से 19 में DENV-2 का पता चला है। ये गंभीर रोग कारक हो सकती है, जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है।
गौरतलब है कि डेंगू वायरस के चार सीरोटाइप होते हैं, DENV-2, DENV-3 और DENV-4। इसमें DENV-2 गंभीर माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इससे मृत्यु दर तो ज्यादा नहीं है, लेकिन दूसरी बार होने पर ये अक्सर जानलेवा हो सकता है।
DENV-2 डेंगू के बारे में जानिए
DENV-2 डेंगू के विभिन्न प्रकारों में से सबसे गंभीर माना जाता है। बुखार के अलावा यह सामान्य डेंगू संक्रमण के दो या अधिक लक्षण पैदा कर सकता है। DENV-2 के लक्षणों के बारे में बात करते हुए डॉक्टर बताते हैं, इस प्रकार के डेंगू रोगी को सामान्य रूप से तेज बुखार, उल्टी, जोड़ों में दर्द हो सकता है और यदि उचित देखभाल नहीं की जाती है तो इससे गंभीर जटिलताएं उत्पन्न होने का जोखिम भी काफी अधिक होता है।
गंभीर रोग विकसित होने का खतरा
डॉक्टर बताते हैं, बहुत से लोगों को डेंगू संक्रमण के कोई भी संकेत या लक्षणों का अनुभव नहीं होता है। टाइप-2 डेंगू के कारण कुछ लोगों में तेज बुखार (104 एफ) के साथ-साथ सिरदर्द, मतली, उल्टी, आंखों के पीछे दर्द, ग्रंथियों में सूजन, दाने के साथ-साथ मांसपेशियों, हड्डियों या जोड़ों में दर्द हो सकता है।
गंभीर रूप से डेंगू की स्थिति में शौच या उल्टी के साथ खून आने की समस्या हो सकती है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में डेंगू के गंभीर रोग के विकसित होने का खतरा अधिक होता है।
मच्छरों के काटने से बचें
डॉक्टर कहते हैं, कुछ क्षेत्रों में बाढ़ के कारण डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि हुई है। आने वाले महीनों में इसके बढ़ने का खतरा अधिक हो सकता है। सभी लोगों को लगातार मच्छरों के काटने से बचाव के तरीकों का पालन करते रहना चाहिए। डेंगू के साथ इन दिनों मलेरिया के रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। मच्छरों के काटने से बचने के तरीकों का पालन करने से मच्छरजनित कई रोगों से बचाव किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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