देश में मानसून काल समाप्ति की ओर है, कुछ ही दिनों में शरद ऋतु की शुरुआत हो जाएगी। पोस्ट मानसून का यह समय यानी कि अगस्त के मध्य से लेकर अक्टूबर के महीने में देश में हर साल मच्छर जनित कई तरह की गंभीर बीमारियों का कहर देखने को मिलता रहा है। इन महीनों में मच्छरों के कारण होने वाले डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया बुखार के चलते अस्पतालों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। हर साल मच्छर जनित इन बीमारियों के कारण हजारों लोगों की मौत हो जाती है। हालिया रिपोर्टस बताते हैं कि अस्पतालों में फिर से डेंगू के मरीज आने शुरू हो गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों से विशेष बचाव करते रहने की अपील कर रहे हैं।
Alert: डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का बढ़ा खतरा, जानिए इन बीमारियों के लक्षण और इनसे बचाव के तरीके
डेंगू के लक्षण और गंभीरता
डेंगू बुखार एडीज मच्छरों के काटने से होता है। डेंगू के मच्छर ज्यादातर दिन के समय में काटते हैं। संक्रमित मच्छर के काटने से लक्षण नजर आने (इनक्यूबेशन पीरियड) में 5-7 दिन लग सकते हैं। जिन लोगों में डेंगू संक्रमण का निदान होता है ऐसे लोगों को तेज बुखार (105º F तक) के साथ मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, गंभीर सिरदर्द, छाती, पीठ या पेट पर लाल चकत्ते होने और मतली-उल्टी और दस्त की दिक्कत हो सकती है।
डेंगू की गंभीर स्थितियों में ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगता है जिसमें त्वरित उपचार की आवश्यकता होती है।
चिकनगुनिया बुखार के बारे में जानिए
चिकनगुनिया भी डेंगू की ही तरह मच्छरों के काटने के कारण होने वाली गंभीर समस्या है। संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से इंसानों में इसका खतरा होता है। इस बीमारी की पुष्टि केवल रक्त परीक्षण करके की ही जा सकती है, वर्तमान में इसके लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है। यदि आपमें इससे संबंधित लक्षण 3-4 दिनों तक बने रहते हैं तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेकर परीक्षण अवश्य करा लेना चाहिए।
चिकनगुनिया का इनक्यूबेशन पीरियड 2-6 दिनों का होता है। इस संक्रमण में रोगी को तेज बुखार (104 डिग्री फारेनहाइट तक) के साथ अंगों पर वायरल चकत्ते, जोड़ों में तेजदर्द, सिरदर्द, भूख न लगने जैसी दिक्कत बनी रहती है। कुछ लोगों को चिकनगुनिया से ठीक होने के कई महीनों बाद तक भी जोड़ों के दर्द की समस्या बनी रह सकती है।
मलेरिया बुखार से बचाव
मलेरिया एक गंभीर और घातक बीमारी है, जो संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के काटने से होती है। जिन लोगों को मलेरिया होता है, उन्हें आमतौर पर तेज बुखार, कंपकंपी या ठंड लगने और फ्लू जैसी बीमारी के लक्षण महसूस होते रह सकते हैं। एक बार जब कोई व्यक्ति मलेरिया से संक्रमित हो जाता है, तो इसके परजीवी लिवर में और फिर लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) में बढ़ना शुरू कर देते हैं जिसके कारण गंभीर दिक्कतों का जोखिम हो सकता है।
मलेरिया की समय पर पहचान और इलाज की आवश्यकता होती है, वरना लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा हो सकता है। सामान्यतौर पर 21 दिनों तक इस बीमारी का उपचार चलता है।
मच्छर जनित इन बीमारियों से कैसे बचें?
डेंगू और चिकनगुनिया एडीज मच्छरों द्वारा फैलते हैं, ये मच्छर दिन में सक्रिय होते हैं जबकि एनोफिलीज मच्छर रात में अधिक काटते हैं। इसका मतलब है कि मच्छरों से बचाव करके इन बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना विशेष आवश्यक हो जाता है।
- पूरी बाजू की शर्ट और पैंट पहनें, जिससे मच्छरों से बचाव किया जा सके।
- जिन स्थानों पर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया बुखार का संक्रमण है उन स्थानों पर जाने से बचें।
- मच्छरों से बचाव के लिए दवाइयों या स्प्रे को प्रयोग में लाते रहें।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना सबसे सुरक्षित माना जाता है।
- यदि आपको 3-4 दिनों से तेज बुखार की दिक्कत है तो डॉक्टर की सलाह पर खून की जांच जरूर करा लें, जिससे स्थिति का समय रहते सही निदान किया जा सके।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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