आयुर्वेद भारत की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धतियों में से एक है, इसकी औषधियों को कई प्रकार के रोगों के इलाज में काफी कारगर माना जाता रहा है। कई औषधियों को मेडिकल साइंस ने भी अध्ययनों में काफी फायदंमेद और बीमारियों में अति प्रभावी स्तर का पाया है। अश्वगंधा भी ऐसी ही एक प्रभावकारी औषधि है जिसका उपयोग वर्षों से कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता रहा है।
Health Tips: आयुर्वेद ही नहीं मेडिकल साइंस भी मानता है इस औषधि को 'रोगनाशिनी', कई बीमारियों में है फायदेमंद
शारीरिक शक्ति में आता है सुधार
एथलीटों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि अश्वगंधा का सेवन करना एथलीटिक परफार्मेंस को बढ़ावा देने में भी लाभकारी हो सकता है। शोध के एक विश्लेषण में पुरुषों और महिलाओं पर किए गए इस अध्ययन से पता चलता है कि अश्वगंधा की खुराक शारीरिक प्रदर्शन को बढ़ा सकती है, जिसमें व्यायाम के दौरान शक्ति और ऑक्सीजन का उपयोग शामिल है। पांच अध्ययनों के विश्लेषण में पाया गया कि अश्वगंधा लेने से स्वस्थ वयस्कों और एथलीटों में ब्लड ऑक्सीजन का स्तर भी बेहतर बना रहता है।
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में लाभ
अध्ययनों से पता चलता है कि अश्वगंधा कुछ लोगों में अवसाद सहित अन्य मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकती है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सिज़ोफ्रेनिया वाले 66 लोगों में अश्वगंधा के प्रभावों को देखा। उन्होंने पाया कि जिन प्रतिभागियों ने 12 सप्ताह तक प्रतिदिन 1,000 मिलीग्राम तक अश्वगंधा के अर्क का सेवन किया उनके लक्षणों में काफी तेजी से सुधार आया। तनाव और चिंता की समस्याओं को दूर करने में भी इस औषधि के अद्भुत लाभ देखे गए हैं।
डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद
अध्ययनकर्ता बताते हैं कि अश्वगंधा का सेवन करना डायबिटीज रोगियों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में अश्वगंधा को उपयोगी पाया गया है। मधुमेह वाले लोगों पर किए गए नैदानिक अध्ययनों सहित 24 अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि अश्वगंधा, रक्त शर्करा, हीमोग्लोबिन A1c (HbA1c), इंसुलिन, ब्लड लिपिड और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस मार्कर में कमी लाने में सहायक हो सकता है। हालांकि इसके अध्ययन सीमित हैं।
प्रजनन क्षमता को लाभ
अश्वगंधा की खुराक को कुछ अध्ययनों में पुरुष प्रजनन क्षमता को लाभ पहुंचाने और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने के लिए भी कारगर पाया गया है। 40-70 वर्ष की आयु वाले पुरुषों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि इसका सेवन करना थकान के लक्षणों को कम करने और शरीर की ऊर्जा को बेहतर बनाए रखने में आपके लिए सहायक हो सकता है। अश्वगंधा के सेवन से टेस्टोस्टेरोन उत्पादन में लाभ देखा गया। प्रतिभागियों में भी टेस्टोस्टेरोन में 14.7% अधिक वृद्धि हुई।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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