राजधानी दिल्ली में इन दिनों डेंगू संक्रमण के मामले बढ़ने की खबर है। अस्पतालों से मिल रही जानकारियों के मुताबिक पिछले एक महीने के भीतर दिल्ली-एनसीआर के कई अस्पतालों में रोगियों की संख्या बढ़ी है, हालांकि डॉक्टर बताते हैं ज्यादातर लोग आसानी से ठीक होकर घर वापस लौट रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन दिनों राज्य में वायरस के सबसे गंभीर स्ट्रेन (DEN-2) के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं, जिसके कारण खतरनाक लक्षणों के विकसित होने का जोखिम हो सकता है। सभी लोगों को इस रोग के खतरे से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता है।
Dengue: डेंगू से 38 वर्षीय महिला की मौत, सावधान- डेंगू हेमोरेजिक शॉक जैसी स्थितियां हो सकती हैं जानलेवा
डेंगू के गंभीर लक्षणों से महिला की मौत
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि डेंगू से पीड़ित एक 38 वर्षीय महिला की मृत्यु हो गई है। उत्तर प्रदेश की रहने वाली महिला को करीब 20 दिन पहले जब अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब वह काफी बीमार थी। बाद में उनमें डेंगू के गंभीर लक्षण पाए गए। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक महिला में इन्सेफलाइटिस की समस्या विकसित हो गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए डेंगू के खतरे को लेकर सभी लोगों को और भी अलर्ट हो जाने की आवश्यकता है।
DEN2 स्ट्रेन बढ़ा रहा है जोखिम
DEN2 डेंगू का स्ट्रेन भारत में बढ़ रहा है, यह वैरिएंट घातक हो सकता है। इसके कारण गंभीर रोग और डेंगू हेमोरेजिक शॉक जैसी गंभीर स्थिति विकसित होने का भी खतरा देखा जाता रहा है। डेन-2 से संक्रमित लोगों में अचानक से प्लेटलेट काउंट में गिरावट की दिक्कत देखी जा रही है, डेंगू रक्तस्रावी बुखार या डेंगू शॉक सिंड्रोम जानलेवा भी हो सकती है। आइए जानते हैं कि डेंगू शॉक सिंड्रोम क्या समस्या है?
डेंगू शॉक सिंड्रोम
डॉक्टर कहते हैं, डेंगू संक्रमण की समस्या वाले 2-3 फीसदी लोगों में डेंगू शॉक सिंड्रोम होने का खतरा हो सकता है। यह रोग की गंभीर स्थितियों में से एक है, संक्रमण के शुरुआती 2-6 दिनों के भीतर इस तरह की गंभीर समस्या के विकसित होने का खतरा रहता है। इस स्थिति में गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी होने, उल्टी के साथ खून आने, काला मल, सुस्ती, भ्रम या बेचैनी हो सकती है। इस स्थिति में अगर उपचार न मिले तो रोगी की जान भी जा सकती है।
किन लोगों में इसका खतरा
शरीर की कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली की स्थिति में गंभीर डेंगू का खतरा अधिक हो सकता है। समय पर लक्षणों की पहचान कर अगर इसका इलाज हो जाए तो डेंगू रक्तस्रावी बुखार की मृत्यु दर 2-5% होती है। यदि उपचार न किया जाए तो डेंगू रक्तस्रावी बुखार से मृत्यु दर 50% तक हो जाती है। डॉक्टर कहते हैं, चूंकि डेंगू का खतरा सभी लोगों में देखा जाता रहा है, ऐसे में इसके जोखिमों को लेकर सभी उम्र के लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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