दिवाली की सुबह दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील नजर आई। वायु प्रदूषण और स्मॉग के कारण आंखों में जलन, सांस की दिक्कत जैसी लोगों ने कई तरह की दिक्कतें भी महसूस कीं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 पार “गंभीर” श्रेणी पहुंच गया है। ये स्थिति दिवाली की सुबह की है, विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि शाम तक और दिवाली के अगले दिन हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
Air Pollution: गैस चैंबर बन गई दिल्ली, 400 पार एक्यूआई इन बीमारी वालों के लिए जानलेवा; कैसे रहें सुरक्षित?
- गुरुवार सुबह 8 बजे आनंद विहार का औसत एक्यूआई (PM10) 419 दर्ज किया गया।
- ये स्थिति दिवाली की सुबह की है, विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि शाम तक और दिवाली के अगले दिन हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
- आइए जानते हैं कि 400 से अधिक की एक्यूआई किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है?
जहरीली होती जा रही है दिल्ली की हवा
गुरुवार सुबह 8 बजे आनंद विहार का औसत एक्यूआई (PM10) 419 दर्ज किया गया। दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी हवा की गुणवत्ता 'खराब' और 'बहुत खराब' श्रेणी के बीच बनी हुई है। दिवाली पर पटाखों और पराली-कचरे जलाने से इन क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता के और भी खराब होने की आशंका है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने क्रोनिक बीमारियों जैसे सांस के मरीज, हृदय रोगी, निमोनिया या अन्य श्वसन संक्रमण के शिकार लोगों को इन दिनों विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आइए जानते हैं कि 400 से अधिक की एक्यूआई किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है?
अस्थमा अटैक का हो सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण आपके फेफड़ों पर सबसे ज्यादा असर डाल सकता है। जब प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सांस के साथ अंदर जाते हैं तो इससे फेफड़ों के लिए दिक्कतें बढ़ सकती हैं। यह स्थिति पहले से ही सांस की बीमारियों जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस वाले मरीजों के लिए खतरनाक और जानलेवा भी हो सकती है। प्रदूषित हवा में कुछ समय भी रहना अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
उपाय- सांस के मरीजों को घर से बाहर जाने से बचना चाहिए। बाहर जाना हो तो मास्क जरूर लगाएं। अपने पास इनहेलर और दवाएं हमेशा रखें।
हृदय रोगियों के लिए बढ़ सकती हैं दिक्कतें
वायु प्रदूषण फेफड़ों के साथ-साथ हृदय रोग के शिकार लोगों के लिए भी बहुत नुकसानदायक है। प्रदूषित वातावरण में रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ने, हृदय गति रुकने, स्ट्रोक जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। प्रदूषण के कारण रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचता है। वायु प्रदूषण के कारण रक्त वाहिकाएं संकरी और सख्त हो सकती है, जिससे रक्त का प्रवाह कठिन हो जाता है। इस तरह की स्थिति रक्तचाप और हृदय की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ाने वाली हो सकती है।
उपाय- हृदय रोग के शिकार लोगों को ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने, खूब पानी पीते रहने और प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क लगाने की सलाह दी जाती है।
क्या है सलाह?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आप पहले से बीमार हों या स्वस्थ, प्रदूषण सभी के लिए खतरनाक है। प्रदूषण के पीक वाले समय जैसे सुबह-शाम घर से बाहर जाने से बचें। पटाखों के धुंआ से खुद को बचाएं, अस्थमा रोगियों के लिए इन बातों का ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है। घर के भीतर की हवा को साफ-स्वच्छ करने के लिए एयर प्यूरीफयर का इस्तेमाल करें। दिवाली के उत्सव के दौरान मास्क पहनकर रखें जिससे प्रदूषक आपके शरीर में न प्रवेश कर पाएं।
किसी भी समय आपको सांस की दिक्कत, छाती में दर्द या जकड़न महसूस होती है तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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स्रोत और संदर्भ
Ambient Air Pollution and Stroke: An Updated Review
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