अगस्त से अक्तूबर का महीना देश के अधिकतर राज्यों में मच्छरजनित बीमारियों के सबसे ज्यादा खतरे वाला माना जाता रहा है। हर साल इन महीनों के बीच अस्पतालों में मरीजों की भीड़ काफी बढ़ जाती है। जून-अगस्त के बीच हुई भारी बारिश के बाद अमूमन जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बनी रहती है, जो मच्छरों के प्रजनन को बढ़ा देती है, यही कारण है कि इन दिनों में डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का बोझ काफी ज्यादा देखा जाता है।
अलर्ट: सितंबर में डेंगू-मलेरिया ने तोड़े रिकॉर्ड, दिल्ली से लेकर तमिलनाडु तक प्रकोप; कब मिलेगी वैक्सीन?
दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में डेंगू का खतरा बढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में इस साल सितंबर में डेंगू-मलेरिया के सबसे ज्यादा मामले रिपोर्ट किए गए हैं। अभी डेंगू से बचाव का सबसे जरूरी तरीका मच्छरों से सुरक्षा और पानी जमा होने से रोकना है। जल्द ही देश को डेंगू की पहली वैक्सीन मिलने वाली है।
दिल्ली-एनसीआर में डेंगू के हालात
डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि डेंगू का मच्छर किस समय सबसे ज्यादा काटता है? अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है।
फिलहाल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी के डेटा के अनुसार, दिल्ली में सितंबर में अब तक डेंगू के 121 मामले सामने आए हैं, जिससे इस साल कुल मामलों की संख्या बढ़कर 432 हो गई है। डेंगू के साथ-साथ मलेरिया के मामलों को लेकर भी अलर्ट किया गया है।
- 12 सितंबर तक की साप्ताहिक वेक्टर-जनित बीमारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने में सामने आए डेंगू के मामले, साल के कुल मामलों के एक-चौथाई से ज्यादा हैं।
- मसलन इस साल राजधानी में एक महीने में दर्ज किए गए ये सबसे ज्यादा मामले हैं, जबकि मॉनसून का मौसम अभी भी जारी है।
- इसके अलावा, सिविक बॉडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि अकेले पिछले हफ्ते ही राजधानी में डेंगू के 71 नए मामले सामने आए।
मलेरिया का भी खतरा
- दिल्ली में इस साल मलेरिया के भी 183 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 64 मामले अकेले सितंबर में दर्ज हुए हैं, जो इस साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अच्छी बात ये है कि इस साल मलेरिया से किसी की मौत की खबर नहीं है।
- वहीं इस साल चिकनगुनिया के अबतक 24 मामले सामने आए हैं, जबकि 2025 में इसी समय के दौरान 46 मामले दर्ज किए गए थे, सितंबर में अब तक दो मामले सामने आए हैं।
पिछले साल से तुलना करें तो दिल्ली में 2025 में इसी समय तक डेंगू के 619 मामले, 2024 में 709 और 2023 में 2,097 और 2022 में यह आंकड़ा 295 था।
तमिलनाडु के आंकड़े भी डराने वाले
तमिलनाडु इस समय डेंगू का व्यापक प्रकोप झेल रहा है। इस साल तमिलनाडु में डेंगू के 15,933 मामले दर्ज किए गए और नौ लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही, वायरल और सांस से जुड़ी बीमारियों वाले बुखार का मौसमी प्रकोप भी देखा जा रहा है, जिसके खतरे को देखते हुए चेन्नई और अन्य जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
- मंगलवार को चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने बताया कि राज्य में डेंगू को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। यह वह समय है जब बुखार के मामले, खासकर फ्लू जैसे सांस के संक्रमण ज्यादा होते हैं। सरकार बचाव के उपाय कर रही है और लोगों को भी जागरूक रहना चाहिए।
जल्द मिलेगी डेंगू की वैक्सीन
डेंगू हो जाने की स्थिति में फिलहाल न तो कोई प्रमाणित दवा है न ही कोई वैक्सीन। जिन लोगों में बीमारी की पुष्टि होती है उनके बुखार और अन्य लक्षणों को ठीक करने की दवा दी जाती है। हालांकि अच्छी खबर ये है कि भारत को जल्दी ही डेंगू से बचाव के लिए वैक्सीन मिल सकती है।
- इसी साल 20 जुलाई को जापान की दवा कंपनी टाकेडा फार्मास्युटिकल (Takeda Pharmaceutical) की डेंगू वैक्सीन QDENGA को भारत के दवा नियामक से मंजूरी मिली। ये भारत में मंजूरी पाने वाली पहली डेंगू वैक्सीन है।
- हालिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि अगर इसके क्लीनिकल ट्रायल्स सफल रहते हैं तो अगले साल ये वैक्सीन लोगों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो सकती है।
- टाकेडा ने भारत की कंपनी बायोलॉजिकल-ई के साथ मिलकर इस वैक्सीन के बड़े पैमाने पर उत्पादन की भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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