Swimming Tips For Kids : तैराकी बच्चों के लिए एक मजेदार गतिविधि है और जीवन रक्षक कौशल भी। आज के समय में कई बच्चे कम उम्र से ही तरह-तरह की स्किल्स सीख रहे हैं, जिनमें स्विमिंग भी शामिल है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, सही उम्र और सुरक्षा नियमों का ध्यान रखते हुए बच्चों को स्विमिंग सिखाना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि इससे पहले बच्चे की शारीरिक और मानसिक स्थिति को समझना जरूरी है।
बाल देखभाल: बच्चे को किस उम्र से सिखानी चाहिए स्विमिंग? माता-पिता इन जरूरी बातों को न करें नजरअंदाज
तैराकी बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ एक जरूरी जीवन रक्षक कौशल भी है। सही उम्र में स्विमिंग सीखने से शारीरिक विकास और पानी के प्रति आत्मविश्वास में मदद मिल सकती है, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
किस उम्र में शुरू करें स्विमिंग?
विशेषज्ञों के अनुसार, एक साल से कम उम्र के शिशुओं के लिए वाटर प्ले या पैरेंट-चाइल्ड सेशन यानी पानी से परिचय अच्छा रहता है। वहीं, एक से चार साल की उम्र में स्विमिंग की बुनियादी बातें सिखाई जा सकती हैं। तैराकी से बच्चों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, सहनशक्ति बढ़ती है और ब्रेन-बॉडी कोऑर्डिनेशन बेहतर होता है। कम उम्र में तैरना सीखने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें पानी से डर नहीं लगता।
सबसे महत्वपूर्ण है पानी में सुरक्षा
बच्चों को स्विमिंग सिखाते समय सबसे जरूरी है, टच सुपरविजन यानी माता-पिता या ट्रेनर बच्चे के इतना करीब रहें कि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता दे सकें। फ्लोटर्स या वाटर विंग्स पर पूरी तरह निर्भर रहना सुरक्षित नहीं है। डब्लूएचओ के अनुसार, कम उम्र में तैरना, पानी पर फ्लोट करना और किनारे तक पहुंचना सीखने से डूबने का खतरा 88 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
सही पूल और ट्रेनर का चुनाव कैसे करें?
बच्चों के लिए स्विमिंग पूल चुनते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूल के पानी का तापमान 30 से 32 डिग्री सेंटीग्रेड होना चाहिए। पानी में क्लोरीन का स्तर भी जांचना जरूरी है, ताकि संक्रमण न हो। साथ ही बच्चों को हमेशा सर्टिफाइड और अनुभवी ट्रेनर की निगरानी में तैरना सिखाएं। शुरुआत में बच्चों के स्विमिंग सेशन 20 से 30 मिनट से अधिक लंबे नहीं होने चाहिए।
स्विमिंग सिखाने से पहले ये बातें जरूर देखें
अगर बच्चे को सर्दी-जुकाम, कान में संक्रमण या त्वचा संबंधी कोई समस्या है, तो उसे स्विमिंग न कराएं। स्विमिंग के बाद बच्चे के कान अच्छी तरह सुखाएं और त्वचा को साफ पानी से धोकर मॉइश्चराइजर लगाएं। पानी में जाने से पहले और बाद में बच्चे की स्वच्छता का ध्यान रखें। बच्चे की सुरक्षा और आराम को हमेशा प्राथमिकता दें।
विशेषज्ञ की राय: बच्चे पर दबाव न डालें
बाल विकास सलाहकार रोहिणी सेठी बताती हैं कि छोटे बच्चों को स्विमिंग सिखाते समय सबसे पहले सुरक्षा को प्राथमिकता दें। हमेशा प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर की निगरानी में ही अभ्यास कराएं और बच्चे को पानी के पास अकेला न छोड़ें। शुरुआत उथले पानी में उससे परिचय, सांस रोकना और फ्लोट करना सिखाने से करें। बच्चे पर कभी दबाव न डालें, डर लगे तो उसे समय दें। उसके लिए आरामदायक स्विमिंग कॉस्ट्यूम चुनें।