रोशनी और उत्साह के पर्व दिवाली की पूरे देश में धूम है। परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर जश्न मनाने वाले इस त्योहार का सभी लोगों को पूरे साल इंतजार रहता है। हालांकि त्योहार के दौरान पटाखों के कारण ध्वनि और वायु प्रदूषण में वृद्धि होना का खतरा रहता है। वायु गुणवत्ता में गड़बड़ी के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसका सबसे ज्यादा असर अस्थमा और सांस के मरीजों में देखने को मिलता है।
Diwali 2024: पटाखों का धुंआ कहीं ट्रिगर न कर दे अस्थमा, सांस के मरीज जरूर ध्यान रखें ये बातें
त्योहार के दौरान पटाखों के कारण ध्वनि और वायु प्रदूषण में वृद्धि होना का खतरा रहता है। इसका सबसे ज्यादा असर अस्थमा और सांस के मरीजों में देखने को मिलता है। आइए जानते हैं कि दिवाली के उत्सव के दौरान आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ अभिजात सहाय कहते हैं, वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि अस्थमा के रोगियों की स्थिति को और खराब कर सकती है, यही कारण है कि दिवाली के दौरान सांस के रोगियों को विशेषरूप से सावधानी बरतना जरूरी है। पटाखों से सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और छोटे कण सहित कई हानिकारक वायु प्रदूषक उत्सर्जित होते हैं, ये सभी श्वसन प्रणाली के माध्यम से शरीर में पहुंचकर सांस लेने में कठिनाई और अस्थमा के दौरे का कारण बन सकते हैं।
आइए जानते हैं कि दिवाली के उत्सव के दौरान आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
धुएं और प्रदूषण से बचाव करें
पटाखों के धुएं में हानिकारक कण और रसायन होते हैं जो अस्थमा अटैक का कारण बन सकते हैं। धुएं से बचने के लिए शाम को खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, ताकि बाहर का धुआं अंदर न आ सके। इसके अलावा अस्थमा या सांस के रोगियों को पटाखों के पास जाने या उन्हें जलाने से बचना चाहिए, इससे आपकी समस्या ट्रिगर हो सकती है। घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें, जिससे घर की हवा शुद्ध और सुरक्षित बनी रहे।
पास में रखें इनहेलर और दवाएं
पटाखों के धुंआ से अस्थमा और श्वसन समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए आपको हमेशा अपने पास इनहेलर रखना चाहिए। अगर आपको पहले से ही सांस की समस्या है तो डॉक्टर द्वारा बताए इनहेलर्स का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। डॉक्टर द्वारा दी गई सभी दवाइयां नियमित रूप से लें और किसी भी समस्या में तुरंत संपर्क करें। वायु प्रदूषण से खुद को बचाने का सबसे अच्छा तरीका है मास्क पहनना। बाहर निकलते समय मास्क पहनें और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
खान-पान में न होने पाए कोई गड़बड़ी
सांस के मरीजों को शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। दिवाली के दौरान पानी की कमी से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं, ताकि शरीर से टॉक्सिन्स निकलते रहें और सांस की समस्या कम हो। पानी की कमी के कारण श्वसन मार्ग में शुष्की आ सकती है जिसके कारण सांस लेने की दिक्कत बढ़ने का खतरा रहता है। अपने आहार का भी ध्यान रखें, ज्यादा मसालेदार और तैलीय भोजन से बचें।
इन सभी सुझावों का पालन करके अस्थमा के मरीज सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से दिवाली मना सकते हैं और प्रदूषण के प्रभाव से अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं। यदि दिवाली के दौरान अस्थमा के लक्षण बढ़ते हैं, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। सांस की दिक्कतों को आपात स्थिति माना जाता है इसे अनदेखा न करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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