चेहरे को साफ और चमकदार बनाने का दावा करने वाली क्रीम्स का प्रयोग आपने भी जरूर किया होगा। ये कॉस्मेटिक उत्पाद कुछ दिनों में चेहरे की रंगत तो सुधार देते हैं पर क्या आप जानते हैं कि इनका अधिक इस्तेमाल आपके लिए जानलेवा तक हो सकता है? स्किन लाइटनिंग क्रीम्स/उत्पादों से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को लेकर यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने चेतावनी जारी की है। अध्ययनकर्ताओं ने दावा किया है कि कई स्किन लाइटनिंग उत्पादों में प्रतिबंधित हानिकारक तत्व पाए गए हैं, जो न सिर्फ आपकी त्वचा के लिए नुकसानदायक हैं साथ ही इनका लंबे समय तक उपयोग आंखों, किडनी और फेफड़ों के लिए गंभीर समस्याकारक भी हो सकता है। कुछ स्थितियों में यह बीमारियां मौत का भी कारण बन सकती हैं।
सावधान: कॉस्मेटिक उत्पाद हो सकते हैं 'जानलेवा'! विशेषज्ञों ने चेताया- इसमें पाए गए हैं बेहद हानिकारक रसायन
मेलेनिन की उत्पादकता हो सकती है प्रभावित
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि स्किन लाइटनिंग उत्पादों की आमतौर पर त्वचा को टोन करने, मुंहासे, उम्र आधारित धब्बे, झाईयों और झुर्रियों के उपचार के रूप में मार्केटिंग की जाती है। दुकानों में ये क्रीम, लोशन, साबुन या पाउडर के रूप में बेचे जाते हैं। इस तरह के ज्यादातर उत्पादों में ऐसे रसायन पाए गए हैं जो मेलेनिन के उत्पादन को प्रभावित करने के साथ त्वचा के लिए कई और प्रकार की गंभीर समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। मेलेनिन, मुख्यरूप से त्वचा, बालों और आंखों के रंग के लिए आवश्यक होता है। इनका लंबे समय तक उपयोग कई जानलेवा बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाने वाला भी हो सकता है।
फेफड़े और किडनी की हो सकती हैं गंभीर बीमारियां
एक अध्ययन रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि हाइड्रोक्विनोन/मर्करी युक्त उत्पादों का लंबे समय तक प्रयोग करना आपकी त्वचा के प्राकृतिक रंग को नुकसान पहुंचा सकता है। विटिलिगो यानी कि सफेद दाग के कुछ रोगियों की जांच में ऐसे उत्पादों को एक कारक के रूप में पाया गया है। कुछ शोध इस तरफ भी संकेत करते हैं कि उत्पादों में पाई गई मर्करी त्वचा में जमा होकर कई प्रकार की विषाक्तता और फेफड़े, किडनी तथा आंखों की गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। फेफड़े औऱ किडनी की बीमारियां जानलेवा भी हो सकती हैं।
हाइड्रोक्विनोन युक्त उत्पाद हैं प्रतिबंधित
त्वचा को गोरा करने और मुंहासे जैसी दिक्कतों को दूर करने के लिए भले ही कई कंपनियां ऐसे कॉस्मेटिक उत्पादों में हाइड्रोक्विनोन का उपयोग करती रही हैं, पर गौर करने वाली बात यह है कि एफडीए ने इससे होने वाले दुष्प्रभावों के जोखिम को ध्यान में रखते हुए हाइड्रोक्विनोन युक्त उत्पादों को ओवर-द-काउंटर बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया हुआ है। इसी तरह स्किन लाइटनिंग उत्पादों में मर्करी के उपयोग पर भी रोक लगाया गया है। बावजूद इसके दुनियाभर में कई कॉस्मेटिक उत्पादों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता रहा है।
परफ्यूम और डियोडेंट्रस में भी पाए जा चुके हैं जहरीले रसायन
खतरा केवल स्किन लाइटनिंग उत्पादों से ही नहीं, परफ्यूम और डियोड्रेंट्स से भी हो सकता है। पेन मेडिसिन जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ डियोड्रेंट्स में एल्यूमीनियम और पैराबीन्स जैसे यौगिक पाए गए हैं। त्वचा में ये यौगिक अवशोषित होकर गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो डियोड्रेंट में प्रयोग में लाए जाने वाले एल्यूमीनियम या फिर पैराबीन्स यौगिकों को कैंसर कारक नहीं पाया गया है, हालांकि संवेदनशील त्वचा और जोखिम कारक वाले लोगों में इनका लंबे समय तक उपयोग करना गंभीर जटिलताओं को उत्पन्न कर सकता है।