फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सावधान: बौद्धिक और यौन क्षमता, दोनों को प्रभावित कर सकता है कोरोना संक्रमण, अध्ययन में दावा

Wed, 28 Jul 2021 02:31 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Wed, 28 Jul 2021 02:31 PM IST
विज्ञापन
COVID-19 Could impact on intelligence and male fertility, study claims
कोरोना संक्रमण के दुष्परिणाम (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान संक्रमितों में कई तरह के गंभीर लक्षण देखने को मिले। रोगियों के हृदय, फेफड़ों और कई अन्य अंग संक्रमण के कारण प्रभावित पाए गए। कई रोगियों में संक्रमण से ठीक हो जाने के बाद भी लॉन्ग कोविड के रूप में यह लक्षण लंबे समय तक भी देखे जा रहे हैं। इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोरोना के गंभीर संक्रमण का शिकार रह चुके लोगों में वायरस बौद्धिक क्षमता को भी प्रभावित करते हुए देखा गया है। यूके में किए गए इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि संक्रमण के दौरान जो मरीज गंभीर रूप से बीमारे के चलते अस्पताल में भर्ती थे या वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे, ऐसे रोगियों में लॉन्ग-कोविड के लक्षणों के रूप में बौद्धिक क्षमता से संबंधित समस्याएं देखी जा रही हैं।


ग्रेट ब्रिटिश इंटेलिजेंस टेस्ट के हिस्से के रूप में वैज्ञानिकों ने जनवरी से दिसंबर 2020 के बीच 81,337 प्रतिभागियों का परीक्षण किया। इन रोगियों पर किए गए अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉन्ग कोविड के रूप में लोगों को बौद्धिक क्षमता से जुड़ी कई तरह का समस्याएं हो रही हैं। रोगियों को लॉन्ग कोविड के रूप में ब्रेन फॉग, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और सही शब्दों के चयन से संबधित दिक्कतें हो रही हैं। 
आइए आगे की स्लाइडों में इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।

COVID-19 Could impact on intelligence and male fertility, study claims
बौद्धिक क्षमता पर असर डाल रहा है कोविड-19 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

बौद्धिक क्षमता पर कोविड-19 के दुष्प्रभाव
द लैंसेट ई-क्लिनिकल मेडिसिन' जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि संक्रमण के गंभीर लक्षण जैसे कि उच्च तापमान या सांस की समस्या, रोगियों में बौद्धिक क्षमता की समस्याओं का कारण बन रहे हैं। जिन लोगों को कोविड के उपचार के लिए गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ी थी, ऐसे लोगों में बौद्धिक क्षमताओं से संबंधित दिक्कतें ज्यादा देखने को मिल रही हैं, हालांकि समस्याएं उन लोगों में भी हो सकती हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी। 

COVID-19 Could impact on intelligence and male fertility, study claims
संक्रमित लोगों को हो रही हैं कई तरह की बौद्धिक समस्याएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लॉन्ग कोविड के प्रभाव
इंपीरियल कॉलेज लंदन, किंग्स कॉलेज, द यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, साउथेम्प्टन और शिकागो विश्वविद्याल के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस शोध में पाया गया कि लॉन्ग कोविड के तौर पर लोगों में बौद्धिक क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि तमाम स्तर पर इसके कारणों और जैविक आधार पर इसकी आशंका को जानने के लिए और अधिक विस्तार से अध्ययन की आवश्यकता है।
फिलहाल लॉन्ग कोविड का इलाज कर रहे डॉक्टरों को इस संबंध में रोगियों की जांच करनी चाहिए, जिससे भविष्य की आशंकाओं को कम किया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
COVID-19 Could impact on intelligence and male fertility, study claims
प्रजनन क्षमता पर कोविड संक्रमण का असर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

पुरुषों का प्रजनन क्षमता भी हो रही है प्रभावित
इसी तरह से एक अन्य अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना वायरस पुरुषों की प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। क्रिस्टा आईवीएफ रिर्सच द्वारा किए गए इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कोविड-19 संक्रमित पुरुषों में फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन (एफएसएच) और टेस्टोस्टेरोन का अनुपात कम जबकि ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन का स्तर बढ़ा हुआ पाया। एफएसएच का कम स्तर प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना वायरस वीर्य के मापदंडों को भी प्रभावित कर रहा है, यही कारण है कि  पुरुषों की प्रजनन क्षमता में अस्थायी कमी आ सकती है।

विज्ञापन
COVID-19 Could impact on intelligence and male fertility, study claims
कोरोना के शरीर पर हो रहे हैं कई तरह के दुष्प्रभाव - फोटो : iStock

संक्रमितों में घट सकती है शुक्राणुओं की गुणवत्ता
अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि संक्रमित पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता और गतिशीलता में भी प्रभावित हो सकती है, इतना ही नहीं कुछ प्रतिभागियों में वीर्य की मात्रा में भी 50 प्रतिशत तक की कमी देखी गई। इस आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को एक बार इस संबंध में चिकित्सक से संपर्क कर लेना चाहिए। स्थिति को और बेहतर तरीके से जानने के लिए शोधकर्ता तमाम स्तर पर अध्ययन कर रहे हैं। 


------------
स्रोत और संदर्भ: 
Cognitive deficits in people who have recovered from COVID-19

अस्वीकरण नोट: यह लेख द लैंसेट में जर्नल में प्रकाशित शोध के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed