कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के लोगों को इंतजार है तो बस यही कि जल्द से जल्द इसकी वैक्सीन आ जाए। हालांकि वैक्सीन तैयार होना एक लंबी प्रक्रिया होती है और इसमें दुनियाभर के वैज्ञानिक लगे हुए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इस्राइल और इटली भी कोरोना की वैक्सीन बना लेने का दावा कर चुके हैं। हालांकि सच्चाई यही है कि कुछ वैक्सीन के ट्रायल का जानवरों पर असर हुआ और उनके शरीर में कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी भी तैयार हुई है। अब इंसानों पर ट्रायल चल रहा है।
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कोरोना से जंग में बड़ी कामयाबी, अमेरिकी कंपनी का दावा- 'अस्थाई वैक्सीन' से होगा 100 फीसदी इलाज
Sun, 17 May 2020 05:45 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Sun, 17 May 2020 05:45 PM IST
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कोरोना वायरस का इलाज एंटीबॉडी के जरिए होगा संभव, वैज्ञानिक कर रहे शोध (सांकेतिक तस्वीर)
STI-1499 एंटीबॉडी
- कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने एंटीबॉडी को STI-1499 नाम दिया है। कैलिफोर्निया की कंपनी सोरेंटो थैराप्यूटिक्स ने न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई स्कूल ऑफ मेडिसिन के साथ मिलकर इसकी खोज की है। इस कंपनी का दावा है ये एंटीबॉडी अस्थाई वैक्सीन का काम करेगी।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
- सोरेंटो थैराप्यूटिक्स कंपनी का दावा है कि वह हर महीने दो लाख एंटीबॉडी का निर्माण कर सकती है। वैक्सीन आने में अभी वक्त है और ये एंटीबॉडी वैक्सीन से पहले उपलब्ध होगी। कंपनी ने लोगों तक एंटीबॉडी पहुंचाने के लिए अमेरिका के फूड और ड्रग प्रशासन से आपातकालीन अनुमति मांगी है।
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नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
- एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के सीईओ डॉ. हेनरी का कहना है कि इंसानी शरीर में वायरस से लड़ने और उसे खत्म करने वाली एंटीबॉडी हो तो सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनका कहना है कि कंपनी का लक्ष्य केवल मरीजों का इलाज करना है।
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कोरोना वायरस
- फोटो : social media
- ड्रग विशेषज्ञों का कहना है कि यह एंटीबॉडी वायरस को ब्लॉक करता है और इम्यून सिस्टम के लिए अलार्म का काम करती है। कोरोना वायरस का टीका आने में फिलहाल कुछ समय लगने वाला है। ऐसे में ये एंटीबॉडी कोरोना संक्रमण को रोकने में कारगर होगी। कम से कम नए लोगों में तो संक्रमण नहीं फैलेगा।