देश और दुनियाभर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच लोग यही सोच रहे हैं कि यह संकट कब खत्म होगा। इस वायरस का संक्रमण रोकने के लिए ही देश में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया गया है। हाल कि कुछ हफ्तों में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच लोगों की चिंता स्वाभाविक है, लेकिन सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार या वायरल फ्लू से घबराना नहीं चाहिए। कोरोना वायरस (Covid-19) के शुरुआती लक्षण सर्दी-खांसी, सीजनल या वायरल फ्लू से मिलते-जुलते हैं। ऐसे में बहुत से लोग सर्दी-खांसी, बुखार होने पर भी संशय में पड़ जाते हैं और घबरा जाते हैं कि कहीं उन्हें कोरोना वायरस तो नहीं!
Coronavirus: सूखी और गीली खांसी में ऐसे अंतर कर के समझें आपको कोरोना है या नहीं
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अमर उजाला पहले भी आपको इनमें अंतर बता चुका है, इसलिए घबराने की बात नहीं। इस बार फिर हम बता रहे हैं उस एक लक्षण के बारे में जिससे आप सामान्य फ्लू और कोरोना में अंतर समझ सकते हैं। वह लक्षण है- सूखी खांसी। अगर आपको अन्य शुरुआती लक्षणों के साथ सूखी खांसी भी है तो यह कोरोना वायरस की उपस्थिति हो सकती है। अगर गीली खांसी है यानी खांसने पर कफ निकलता है तो यह जरूरी नहीं कि आपको कोरोना वायरस हो।
अब सवाल यह है कि आप सूखी खांसी की पहचान कैसे कर सकते हैं और यह गीली खांसी से कैसे अलग है!
खांसी शरीर की एक तरह से नैचुरल डिफेंसिव एक्शन यानी प्राकृतिक रक्षात्मक प्रतिक्रिया है। हम खांस कर शरीर से बलगम, कफ, धुआं या एलर्जीन जैसी किसी भी जलन या बेकार तत्व बाहर निकालते हैं। कोरोना के 60 फीसदी मामलों में सूखी खांसी प्रमुख लक्षण के रूप में सामने आया है। इसलिए खांसी होते ही लोगों की चिंता स्वाभाविक है। हालांकि सूखी और गीली खांसी में खासा अंतर है।
- सूखी खांसी तब होती है जब छाती या श्वसन तंत्र में जलन या सूजन होती है लेकिन कोई बलगम नहीं बनता है।
- यह गले में एक खरोंच जैसी चुभन देती है और इसमें कफ नहीं निकलता है।
- वहीं खांसी के साथ जब शरीर बलगम और कफ को बाहर निकालता है तो यह गीली कहलाती है।
- खांसी की स्थिति में व्यक्ति अपनी छाती और श्वसन मार्ग से नाक तक कफ महसूस कर सकता है।
- गीली खांसी की अपेक्षा सूखी खांसी में तरह-तरह की आवाज आती है। जैसे कि आपको गले के पीछे चुभन, खिचखिच या आवाज में कर्कशता महसूस हो।
- कफ वाली गीली खांसी की अपेक्षा सूखी खांसी की समस्या ज्यादा दिनों तक रह सकती है और कई बार यह इतना ज्यादा और लगातार हो सकता है कि नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है।
- गीली खांसी में हमारा श्वसन मार्ग बदल जाता है। कफ होने की स्थिति में कई बार मुंह से भी सांस लेना पड़त है। सर्दी हो तो नाक का एक छिद्र बंद हो जाता है। वहीं सूखी खांसी में श्वसन मार्ग नहीं बदलता।
केवल खांसी से घबराएं नहीं
इतना तो आप समझ गए होंगे कि केवल सूखी खांसी कोरोना के लक्षणों में नहीं है। सूखी खांसी अक्सर धूल और धुएं से एलर्जी, साइनस, अस्थमा या टॉन्सिल संबंधी समस्या से भी हो सकती है। इसलिए कोरोना के अन्य लक्षणों की भी जांच करनी चाहिए। जैसे-
- आपको तेज बुखार है या नहीं
- सांस लेने में तकलीफ तो नहीं हो रही
- आपको डायरिया की शिकायत तो नहीं
पिछले दिनों हुए अध्ययनों में स्वाद या गंध लेने की शक्ति में कमी भी इसके लक्षणों में देखे गए हैं। यदि आप सूखी खांसी के साथ ऐसे लक्षण भी महसूस करते हैं तो आपको निश्चित ही डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।