दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। देश में भी कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसके बाद लोग सहमे हुए हैं। कोरोना संक्रमण के डर से लोग घर से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं। हालांकि लोगों को जॉब के लिए ऑफिस, खरीदारी के लिए बाजार निकलना तो पड़ ही रहा है। ऐसे में बस, टेंपो या मेट्रो से सफर करना लोगों की मजबूरी है। ऐसे सार्वजनिक जगहों पर भीड़ से बचना भी बहुत मुश्किल हो जा रहा है। अगर आपको भी बस या मेट्रो से सफर करना पड़ रहा है तो आपको खास सावधानियां बरतने की जरूरत है।
Coronavirus: मेट्रो या बस में करते हैं सफर तो कोरोना से बचने के लिए इन 6 बातों का जरूर रखें ध्यान
दरअसल, कोरोना का संक्रमण पीड़ित मरीज से या मरीज के संपर्क में आई सतहों या चीजों से आप तक पहुंच सकता है। बस या मेट्रो में हर दिन लाखों लोग सफर कर रहे हैं, जिनमें से कौन कोरोना का मरीज हो सकता है, यह पहचान पाना लगभग नामुमकिन है। कोरोना के अलावा लोग सीजनल फ्लू से भी पीड़ित हो सकते हैं, लेकिन दोनों ही स्थितियों में आपको उनसे खुद को बचाना जरूरी है। तो यहां हम बता रहे हैं कुछ सावधानियों के बारे में, जो कि आपको बस या मेट्रो से सफर के दौरान बरतनी चाहिए।
दूरी बनाकर खड़े रहें
डॉक्टर और विशेषज्ञ शुरू से ही बता रहे हैं कि कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण सर्दी-जुकाम से मिलते जुलते हैं। मेट्रो और बस में आपको ऐसे बहुत सारे लोग दिखेंगे, जो सर्दी-जुकाम से पीड़ित होंगे। ऐसे में अगर आपके आस-पास कोई भी ऐसा व्यक्ति खड़ा है तो बेहतर है कि आप उनसे थोड़ी दूरी बना लें। ऐसा करने से आप कोरोना के संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।
खांसने-छींकने वालों से बच कर रहें
अबतक हुए शोधों में पता चला है कि खांसने-छींकने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। संक्रमित व्यक्ति की छींक के माध्यम से कोरोना वायरस संपर्क में आने वाले व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है। खांसने और छींकते वक्त बहुत से लोग रुमाल, टिश्यू पेपर या फिर अपना हाथ मुंह पर रख लेते हैं, लेकिन बहुत सारे लोग बिना ऐसा किए और बिना इधर-उधर देखे ही छींक देते हैं। ऐसे लोगों से बहुत बच के रहने की जरूरत है। आप ऐसे किसी संक्रमित व्यक्ति के के पास बैठेने या खड़े होने से बचें।
बस और मेट्रो में सफर करते वक्त आपको हैंगर पकड़ना पड़ सकता है। स्वचालित सीढ़ियों पर भी आपको काली पट्टी पर हाथ रखना पड़ सकता है। ऐसी सतहों को सैनिटाइज किए जाने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन बार-बार ऐसा करना संभव नहीं। ऐसे में ये सतहें भी कोरोना पीड़ित मरीज के संपर्क में आई हों, तो संक्रमित हो सकती है। संक्रमित व्यक्तियों के हाथों के जरिए वायरस बस या मेट्रो के हैंगर पर भी लग सकते हैं। ऐसे में आप कोशिश करें कि हैंगर को ना पकड़ना पड़े और अगर पकड़ें भी तो हाथों में दस्ताने पहन सकते हैं।