देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। रोजाना 40 हजार से अधिक नए मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना के 42 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं। दिक्कत ये है कि कई राज्यों में केस कम हो रहे हैं तो कई राज्यों में तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन बढ़ते केस के कारणों पर दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'इसका सबसे पहला कारण तो ये कह सकते हैं कि उस राज्य या शहर के लोग वैक्सीनेट नहीं हुए हैं। दूसरा ये भी कि लोगों द्वारा कोविड नियमों की अनदेखी की जा रही होगी। किसी भी तरह के समारोह से हमें दूर रहना है। लोगों को भी वैक्सीन के लिए प्रेरित करना होगा। जितनी जल्दी वैक्सीनेशन होगा, उतनी जल्दी ही बीमारी की गंभीरता को कम कर पाएंगे और तीसरी लहर को आने से रोक पाएंगे।' आइए डॉ. त्रिखा से जानते हैं कोरोना से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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कोरोना पर सवाल-जवाब: क्या पोस्ट कोविड की समस्या हमेशा रहेगी? विशेषज्ञ से जानें
Sun, 05 Sep 2021 04:27 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 05 Sep 2021 04:27 PM IST
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पोस्ट कोविड
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है?
- डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'कोरोना की पहली लहर के लिए हम तैयार नहीं थे। लेकिन जब दूसरी लहर आई तो उससे पहले हमने काफी तैयारी की थी, लेकिन वायरस म्यूटेट हो गया और अचानक कोविड मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने लगी, म्यूकरमाइकोसिस होने लगा, जबकि पहली लहर में इस तरह के कोई केस नहीं देखे गए। अब तीसरी लहर से लड़ने के लिए सभी राज्य तैयारी कर रहे हैं, सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन दुनिया में कोई नहीं जानता है कि वायरस कब और कैसे म्यूटेट होगा। कोई कहता है कि तीसरी लहर हल्की होगी, तो कोई बताता है कि ये ज्यादा गंभीर होगी। इसलिए सबसे अच्छा है कि हम उसे आने ही न दें। इसके लिए कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर और वैक्सीन बहुत जरूरी है।'
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68 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग गई है, तो क्या इन लोगों को संक्रमण कम होगा?
- डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'जी हां, वैक्सीनेशन का सबसे बड़ा फायदा यही है कि जिन लोगों को वैक्सीन लग गई है, अगर वह संक्रमित हुए, तो सिर्फ हल्का बुखार या सर्दी ही होगी। सामान्य इलाज करके पैरासिटामोल आदि खाकर ही घर पर ठीक हो सकते हैं। लेकिन जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है, उनको रिस्क ज्यादा है। इसलिए कहा जा रहा है कि जितनी जल्दी हो सके, ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट किया जाए।'
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स्कूल ओपन हो चुके हैं, क्या सावधानी रखें?
- डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'स्कूल, पढ़ाई के साथ ही बच्चों के मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। लेकिन स्कूल हो या अभिभावक, सभी को इस बात के लिए भी तैयार रहना होगा कि अगर केस बढ़ेंगे तो स्कूल को तुरंत बंद कर दिया जाए। स्थानीय प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि वे एक नियम बना लें कि किसी शहर या राज्य में एक निश्चित संख्या से ज्यादा केस आने पर बिना सवाल-जवाब के तुरंत स्कूल बंद कर दें। स्कूल में भी इस बात का ध्यान रखा जाए कि उनके लंच के समय बैठने की जगह आदि निश्चित की जाएं और सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाए। यहां इस बात को भी समझना होगा कि हम अपने बच्चे को 4-5 साल की उम्र में ही अलग-अलग एक्टिविटी सिखाने लगते हैं, उन्हें कोविड नियमों का पालन भी सिखाना होगा।'
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क्या पोस्ट कोविड की समस्या हमेशा रहेगी?
- डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'कई देशों में पाया गया है कि पोस्ट कोविड सिंड्रोम 8-9 महीने तक देखने को मिला है। लोगों में अलग-अलग तरह की समस्याएं हैं। इसलिए कोविड से ठीक होने के बाद बहुत ध्यान रखना है। अगर कोविड से पहले आप चार किलोमीटर रनिंग करते थे, तो बुखार उतरते या निगेटिव होते ही इतना न भागें, बल्कि कम दूरी तक सिर्फ टहलें। पहले की तरह सामान्य जिंदगी जीने में वक्त लगेगा। खाने-पीने का ध्यान रखें। इसके साथ तुरंत जिम न जाएं और हैवी एक्सरसाइज न करें।'