कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में करोड़ों लोग अशांति के माहौल में जी रहे हैं। सोशल मीडिया से अधिकतर जो भ्रामक खबरें मिल रही हैं, उनका सीधा संबंध लोगों के मानसिक स्वास्थ्य से है, जो समय के साथ बिगड़ता जा रहा है। इस तनाव भरे माहौल मेंं लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा है। वे डरे सहमे हैं। लॉकडाउन के 15 अप्रैल से आगे बढ़ाए जाने की खबरों का कैबिनेट सचिव राजीव गौबा द्वारा खंडन करने के बावजूद कुछ लोग लॉकडाउन के बढ़ने की आशंका से भय में है, वहीं कई लोग सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को लेकर चिंतित है। लॉकडाउन के बीच आप ऐसे हालात से निपटने लिए और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कुछ कदम उठा सकते हैं।
Coronavirus से डरें नहीं लड़ें, इन 5 तरीकों से मन को शांत और शरीर को स्वस्थ रखें
सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखें
इस दौर में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर विश्वास न करें। खासकर ऐसी बातों पर की अभी कहां क्या चल रहा है और आगे क्या होगा। सोशल मीडिया से दूर रहेंगे तो मन शांत रहेगा। भ्रामक खबरों को आगे बढ़ाने से बचें। खासकर वॉट्सएप पर वायरल हो रहे अफवाहों से बिल्कुल ही दूर रहें और इसे फॉरवर्ड करने से बचें।
समय हो तो व्यायाम करें
तन-मन को स्वस्थ रखना है तो ऐसे हालात में व्यायाम करना फायदेमंद है। सुबह थोड़ा समय निकाल कर आप योगासन वगैरह कर सकते हैं। घर पर हैं तो गमलों और गार्डेन को समय दे सकते हैं। संगीत के बीच कुर्सी पर बैठे-बैठे कुछ मनपसंद चीजें करें।
खुली हवा में समय बिताएं
भीड़भाड़ वाली जगहों पर कोरोना का खतरा है। डॉक्टर और स्वास्थ्य एजेंसियां शुरू से ही भीड़भाड़ से बचने की सलाह दे रही है। ऐसे में पहले देखें की किसी स्थान या पार्क में भीड़ नहीं है। वहां पर जाएं और समय बिताएं या वॉक करें। ध्यान रखें इस दौरान फोन पर बिलकुल न देंखे न तो समय दें।
ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें
सोशल मीडिया पर चल रहा है कि हर 15 मिनट पर पानी पीने से संक्रमण नहीं होगा। इसी तरह भीतर तक गहरी सांस लेने से पता चल जाएगा कि संक्रमण के चलते फेफड़ों को नुकसान हुआ है कि नहीं। ये दोनों बातें सच नहीं हैं। ऐसी किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट या अमर उजाला की वेबसाइट से आप कोरोना वायरस के बारे में सही तथ्यों की पुष्टि कर सकते हैं।