कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच इसके इलाज के लिए दुनियाभर के अलग अलग देशों में शोध हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से एंटी मलेरिया ड्रग हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को लेकर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की चर्चा हो रही है। कोरोना के इलाज में कभी इसके मददगार होने की बात कही जाती है तो कभी इसके दुष्परिणाम की भी बात सामने आती है। चीन की प्रतिष्ठित हेल्थ जर्नल लैंसेट में एक शोध रिपोर्ट में कोरोना के मरीजों पर इस दवा के दुष्प्रभाव होने की बात कही गई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसके ट्रायल पर रोक लगाई है। अब इसके साथ एक अन्य दवा एजिथ्रोमाइसिन को लेकर नई रिपोर्ट सामने आई है।
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कोरोना मरीजों के लिए इन दो दवाओं का कॉम्बिनेशन हो सकता है जानलेवा: शोध
Sat, 30 May 2020 03:50 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Sat, 30 May 2020 03:50 PM IST
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हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन
- फोटो : Insta@NK
दवा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Amar Ujala
शोधकर्ताओं का दावा
- अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा है कि कोरोना के मरीजों को दी जाने वाली ड्रग हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती है। शोधकर्ताओं का दावा है कि दोनों दवाएं एक साथ दें या फिर अलग-अलग, इन दोनों ही स्थितियों में मरीज के कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन
- फोटो : social media
130 देशों के 2.10 करोड़ मामलों का विश्लेषण
- यह रिसर्च स्टडी बड़े पैमाने पर हुई है। स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के रिकॉर्ड में दर्ज इन दवाओं के बुरे प्रभाव वाले 2.10 करोड़ मामलों का विश्लेषण किया। ये मामले 130 देशों से जुटाए गए और ये 14 नवंबर 1967 से लेकर एक मार्च 2020 तक के मामले हैं।
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हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन
- फोटो : Social Media
दिल की धड़कन पर प्रभाव
- हेल्थ जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक, मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन का असर मानव शरीर के हृदय पर पड़ता है। बताया गया है कि इसके इस्तेमाल से कोरोना के मरीजों के हृदय की धड़कन तेज या धीमी हो सकती है।
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दवा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : pixa
भारत में जारी रहेगा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का प्रयोग
- मालूम हो कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज में एंटी-मलेरिया दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का प्रयोग जारी रहेगा। क्लिनिकल ट्रायल पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रोक के बावजूद भारत में कोरोना के मरीजों को यह दवा दी जाएगी।
- इस बारे में आईसीएमआर यानी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद का तर्क है कि भारत में किए गए अध्ययनों में एंटी-मलेरिया ड्रग हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के साइड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं और इस दवा से कोरोना के मरीजों को आराम भी मिला है। इसलिए गहन चिकित्सा पर्यवेक्षन यानी विशेषज्ञों की निगरानी में इसका इस्तेमाल जारी रखा जाएगा।