डॉ मनीष सिंघल
कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश के हालात बेकाबू कर दिए हैं। वायरस के नए म्यूटेशन से उत्पन्न चुनौतियों और इसके जुड़े लक्षणों के अलावा ज्यादातर लोगों में वायरस का फेफड़ों पर गंभीर असर देखने को मिल रहा है। दूसरी लहर में बढ़े मौत के आंकड़ों के लिए इसे एक प्रमुख कारण के रूप में भी देखा जा रहा है। इस बीच विशेषज्ञों ने पाया है कि फेफड़ों के अलावा नए म्यूटेशनों का असर शरीर के अन्य अंगों पर भी देखने को मिल सकता है। तो क्या लोगों को और अधिक सावधान हो जाने की जरूरत है? आइए विशेषज्ञों से जानते हैं कि कोरोना वायरस का असर और किन-किन अंगों पर हो सकता है?
सावधान: फेफड़ों के अलावा इन अंगों को भी प्रभावित कर सकता है कोरोना वायरस, ऐसे करें पहचान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माना जाता रहा है कि सार्स-सीओवी-2 वायरस सबसे पहले श्वसन पथ को संक्रमित करता है, जिसके कारण लोगों को खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसी कठिनाई होती है। इसके अलावा यह रोगी के फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। स्वस्थ कोशिकाओं में प्रवेश करके यह वायरस शरीर में अपनी संख्या को बढ़ाता है, जिसके कारण फेफड़ों के ऊतकों और थैलियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लेकिन हालिया मामलों में विशेषज्ञों ने पाया है कि इसका असर शरीर के अन्य अंगों पर भी देखा जा सकता है।
शरीर में अनुभव होने वाले सभी बदलावों को मॉनीटर करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में कोरोना वायरस के बढ़ने के साथ ही यह विभिन्न हिस्सों में गंभीर सूजन का कारण बनता है। इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति को पहले से ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप या मोटापे जैसी समस्या है तो उन लोगों में खतरा और अधिक हो सकता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ मनीष सिंघल कहते हैं कि ऐसे में रोगी को सभी लक्षणों की निगरानी करने के साथ शरीर में अनुभव होने वाले सभी परिवर्तनों पर भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है।
हृदय और मेटाबॉलिज्म जैसे रोगों से ग्रस्त लोगों में कोविड-19 का जोखिम और अधिक होता है। विशेषज्ञों ने पाया है कि सार्स-सीओवी-2 वायरस कोविड-19 संक्रमितों के हृदय की मांसपेशियों में गंभीर सूजन का कारण भी बन सकता है। हार्वर्ड हेल्थ पब्लिकेशन के अनुसार, कोविड-19 के एक-चौथाई रोगियों के रक्तप्रवाह में ट्रोपोनिन नामक एंजाइम की बढ़ी हुई मात्रा देखने को मिल रही है, इस वजह से संक्रमितों को असामान्य हृदय गति, सीने में दर्द और गंभीर थकान जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है।
न्यूरोलॉजिकल जटिलताएं
कई रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि कोविड-19 के रोगियों को मानसिक भ्रम, सिरदर्द, चक्कर आने और धुंधला दिखाई देने जैसे लक्षण महसूस होते हैं। जामा न्यूरोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि वुहान के एक अस्पताल में भर्ती 214 में से एक तिहाई रोगियों में दौरे और स्ट्रोक जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल जटिलताएं देखने को मिली हैं। अध्ययन में यह भी दावा किया गया है कोविड-19 के दीर्घकालिक प्रभावों में रोगियों को अल्जाइमर और पार्किंसंस रोग की भी दिक्कत हो सकती है।