अक्तूबर-नवंबर के महीने में देशभर में सर्दियों की शुरुआत हो जाती है। तापमान कम होना, आपको भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाने वाला तो होता है पर ये मौसम कई प्रकार की बीमारियों और संक्रमण के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। सर्दियों की शुरुआत में इंफ्लूएंजा के संक्रमण के साथ कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में जुकाम-खांसी की समस्या होते रहना काफी सामान्य है।
Winter Diseases: सर्दियों में बढ़ जाता है जुकाम-बुखार का खतरा, जानिए इसकी मुख्य वजह और बचाव के आसान तरीके
सर्दी के दिनों में कमजोर हो सकती है इम्युनिटी
कमजोर इम्युनिटी न सिर्फ आपको कई प्रकार की बीमारियों का शिकार बना सकती है, साथ ही ध्यान रखने वाली बात ये भी है कि ठंड का मौसम आपकी इम्युनिटी को और भी कमजोर कर देती है। सर्दियों में जब ठंडी हवा नाक और ऊपरी वायुमार्ग में प्रवेश करती है तो शरीर वायरस से लड़ने में उतना प्रभावी नहीं होता है, इसलिए सामान्य सर्दी, फ्लू और कोविड-19 जैसे वायरल संक्रमण इन दिनों में आसानी से बढ़ते हैं।
इम्युनिटी की समस्या और जुकाम-बुखार
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है, उनके फ्लू जैसे संक्रामक रोगों की चपेट में आने का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसके अलावा यदि आपको बार-बार बुखार हो रहा है तो यह संकेत है कि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक काम कर रही है। अमूमन ऐसा, किसी संक्रमण के कारण होता है।
मसलन अगर आपकी इम्युनिटी कमजोर है तो इसके कारण आपके संक्रामक रोगों की चपेट में आने का खतरा भी अधिक होता है। प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर इन संक्रामक रोगों से बचाव किया जा सकता है।
सर्दियों में सिरदर्द का भी खतरा
जर्नल ऑफ हेडेक पेन की एक रिपोर्ट के मुताबिक तापमान गिरने और सिरदर्द होने का सीधा संबंध हो सकता है। जैसे-जैसे तापमान गिरता है, बैरोमीटर का दबाव कम हो जाता है। ये स्थिति आपमें सिरदर्द-साइनस की समस्या को बढ़ाने वाली हो सकती है। हवा में शुष्की की स्थिति संवेदनशील साइनस झिल्लियों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे सिरदर्द और माइग्रेन का दर्द और भी बदतर हो सकता है।
कैसे करें इन बीमारियों से बचाव
सर्दी के दिनों में होने वाली जुकाम-बुखार की समस्या को कम करने के लिए सबसे आवश्यक है आप अपनी प्रतिरक्षा को मजबूत बनाने वाले उपाय करें। इसके लिए पौष्टिक आहार के सेवन को बढ़ाने के साथ नियमित व्यायाम की आदत बनाएं। इम्युनिटी बढ़ाना एक सतत प्रक्रिया है, इसके लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली आपको क्रोनिक बीमारियों के जोखिम से बचाने में भी मदद करती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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