फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बड़ी खबर: कोरोना में 2डीजी के बाद अब इस दवा को वैज्ञानिकों ने पाया असरदार, क्लीनिकल परीक्षण शुरू

Sun, 06 Jun 2021 04:20 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sun, 06 Jun 2021 04:20 PM IST
विज्ञापन
clinical trials of repurposed drug Niclosamide for COVID19 treatment
कोरोना की नई दवा पर परीक्षण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अब काफी हद तक काबू में आ गई है। अप्रैल और मई के शुरुआती हफ्तों में रोजाना जहां संक्रमण के मामले साढ़े तीन लाख के आंकड़े को पार कर गए थे, वह अब घटकर सवा लाख से भी कम हो गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ, वैक्सीनेशन को कोरोना से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय मान रहे हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण के अभियान को तेज कर दिया गया है। इस बीच देश में कोरोना की दवाओं के निर्माण का काम भी जोरों पर चल रहा है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा बनाई कोरोना की दवा 2डीजी के बाद अब एक अन्य दवा पर भी तेजी से काम जारी है। सीएसआईआर और लक्साई लाइफ साइंसेज ने एक अन्य दवा का क्लीनिकल परीक्षण शुरू किया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने रविवार को इस संबंध में जानकारी दी है।


आइए इस लेख में जानते हैं कि कोविड-19 के इलाज में क्लीनिकल परीक्षण को भेजी गई यह दवा किस प्रकार से सहायक साबित हो सकती है?

clinical trials of repurposed drug Niclosamide for COVID19 treatment
निकलोसामाइड नामक दवा का क्लिनिकल परीक्षण शुरू (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
टेपवर्म संक्रमण में प्रयोग की जाती रही है दवा
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने रविवार को ट्वीट कर बताया-  ''सीएसआईआर और लक्साई लाइफ साइंसेज ने 'निक्लोसामाइड' नामक दवा का क्लीनिकल परीक्षण शुरू किया है। इस दवा का उपयोग पहले वयस्कों और बच्चों में होने वाले टेपवर्म संक्रमण के इलाज में व्यापक रूप से किया जाता रहा है। पहले भी सुरक्षात्मक दृष्टि से कई बार इसका परीक्षण किया जा चुका है, जिसमें इस दवा को इंसानों के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित पाया गया है।'' कोविड-19 के उपचार में भी इस दवा को वैज्ञानिक प्रभावी मान रहे हैं, इसी की पुष्टि करने के लिए संस्थानों ने निक्लोसामाइड दवा का क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया है।
clinical trials of repurposed drug Niclosamide for COVID19 treatment
फेफड़ों में फ्यूज्ड कोशिकाएं बनने से रोक सकती है यह दवा - फोटो : Social media
सिनसाइटिया निर्माण को रोक सकती है यह दवा
डीजी-सीएसआईआर के सलाहकार डॉ राम विश्वकर्मा ने बताते हैं- 'हम उस दवा की खोज में लगे हुए थे जो कि सिनसाइटिया निर्माण को रोकने में कारगर हो सके। इसी क्रम में किंग्स कॉलेज, लंदन के अनुसंधान समूह द्वारा निक्लोसामाइड दवा की पहचान की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 के कई रोगियों के फेफड़ों में सिनसाइटिया या फ्यूज्ड कोशिकाएं देखी जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संभवत: सार्स-सीओवी-2 के स्पाइक प्रोटीन की फ्यूजोजेनिक गतिविधि के परिणामस्वरूप यह निर्मित हो रही हैं। अब तक के अध्ययनों में देखा गया है कि निक्लोसामाइड दवा, इस तरह के निर्माण को रोकने में कारगर साबित हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
clinical trials of repurposed drug Niclosamide for COVID19 treatment
वायरस का प्रवेश अवरोधक भी साबित हो सकती है दवा - फोटो : iStock
वायरस के शरीर में प्रवेश को भी रोकने की क्षमता
सीएसआईआर-आईआईआईएम और जम्मू एंड एनसीबीएस ने एक सहयोगात्मक अनुसंधान के दौरान हाल ही में पाया कि निक्लोसामाइड दवा सार्स-सीओवी-2 वायरस को शरीर में प्रवेश करने से भी रोक सकती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि यह दवा पीएच एंडोसाइटिक मार्ग के माध्यम से वायरस का प्रवेश अवरोधक साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इन दो स्वतंत्र प्रायोगिक अध्ययनों को देखते हुए निक्लोसामाइड को कोविड-19 रोगियों में नैदानिक परीक्षण के लिए भेजने का रास्ता साफ हुआ है।
विज्ञापन
clinical trials of repurposed drug Niclosamide for COVID19 treatment
2004 में सार्स रोगियों के इलाज में हो चुका है दवा का इस्तेमाल - फोटो : pixabay
सार्स रोगियों के उपचार में किया गया था दवा का इस्तेमाल
इससे पहले साल 2004 के प्रकोप के दौरान भी निक्लोसामाइड दवा का प्रयोग सार्स रोगियों के इलाज में किया गया था। हाल ही में इटली के ट्रिएस्ट स्थित यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में शोधकर्ताओं की एक टीम ने एक अध्ययन में पाया कि यह दवा कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार में प्रभावी है। अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने बताया कि यह दवा घातक रोगज़नक़ से लड़ने में काफी मदद कर सकती है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed