कोलेस्ट्रॉल एक केमिकल कंपाउंड है जो हमारे लिवर में होता है। यूं कहें तो यह नरम मोम या वसा जैसा पदार्थ होता है। कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में नई कोशिकाओं और हॉर्मोंस को व्यवस्थित रखने में सहायक होता है। लेकिन जब यह निर्धारित मात्रा से बढ़ जाता है तो हमें परेशानी होने लगती है। 40 साल की उम्र पार कर जाने के बाद कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। जब भी कभी कोलेस्ट्रॉल से जुड़े विषय पर बात होती है तो इस उम्र को पार कर चुके लोगों का ख्याल पहले आता है। लेकिन आप युवा उम्र में ही कुछ चीजों का ध्यान रख लें तो बुढ़ापे में भी सेहतमंद जीवन जी सकते हैं। आइए जानते हैं कोलेस्ट्रॉल और इससे होने वाले नुकसान के बारे में...
आपके खून में कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाकर हार्ट अटैक ला सकती हैं ये चीजें, खाने की थाली से इन्हें तुरंत हटाएं
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कोलेस्ट्रॉल का निर्माण
शरीर में अस्सी फीसदी कोलेस्ट्रॉल का निर्माण लीवर के जरिए होता है। वहीं इसकी 20 फीसदी मात्रा भोजन के जरिए शरीर में पहुंचती है। इसके दो प्रकार होते हैं, एक कम घनत्व वाला लिपोप्रोटीन (एलडीएल) और दूसरा उच्च घनत्व वाला लिपोप्रोटीन (एचडीएल)। उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन यानी एचडीएल को अच्छा कोलेस्ट्रॉल माना जाता है। शरीर में एलडीएल की मात्रा बढ़ जाने से कई गंभीर नुकसान होते हैं।
कोलेस्ट्रॉल से होने वाले नुकसान
शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने पर यह धमनियों में जमा हो जाता है और ब्लॉकेज का निर्माण कर देता है। यह शरीर के रक्तसंचार को बाधित करते हुए मष्तिष्क, आंखों, दिल, किडनी और शरीर के निचले हिस्से के अंगों को प्रभावित कर देता है।
कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से हार्ट अटैक की संभावना भी कई गुना तक बढ़ जाती है। क्येंकि यह हृदय की रक्त वहिनियों में जमा हो जाता है, जिससे हृदय तक रक्त संचार का कार्य बाधित होने लगता है। रक्त संचार के बाधित होने से हृदय पर दबाव बढ़ने लगता है, जो अंतत: हार्ट अटैक का कारण बनता है।
शरीर में अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से आंखों को परेशानी होने लगती है। यह आंखों तक के रक्त संचार को बंद कर देता है, जिसके कारण आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है।