कोरोना वायरस संक्रमण से दुनिया के कई देश प्रभावित हैं। दुनियाभर के लोगों को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है। कोरोना से जंग में सबसे प्रारंभिक चुनौती इसकी जांच करना है। जितनी तेजी से जांच होगी, उतनी जल्दी कोविड मरीजों की पहचान होगी और इलाज शुरू हो पाएगा। शुरुआती दौर में जहां कोरोना की जांच बहुत मुश्किल थी और इसके लिए ज्यादा विकल्प नहीं थे, वहीं लगातार शोधों के बाद अब कोरोना जांच की कई सारी तकनीक उपलब्ध हो चुकी हैं। इसी क्रम में वैज्ञानिकों ने बहुत ही कम समय में कोरोना की जांच की एक नई तकनीक ईजाद की है। इस नई तकनीक से कोरोना संक्रमण की जांच महज 30 मिनट में हो सकती है। दावा है कि इसका नतीजा आरटी-पीसीआर टेस्ट की तरह बिल्कुल सटीक होगा।
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CoronaVirus Test: कोरोना की जांच महज 30 मिनट में, शोधकर्ताओं ने ईजाद की नई तकनीक, मिलेगा सटीक परिणाम
Tue, 06 Oct 2020 06:30 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Tue, 06 Oct 2020 06:30 PM IST
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Coronavirus Test
- फोटो : iStock/Amar Ujala
कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
आरएनएए सीक्वेंस आधारित जांच
- दक्षिण कोरिया की पोहांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने कोरोना के आरएनए सीक्वेंस (RNA Sequence) पर आधारित जांच की यह तकनीक ईजाद की है। आरएनए दरअसल एक न्यूक्लिक एसिड होता है, जो आनुवांशिक जानकारी को लेकर माध्यम की तरह काम करता है। कोविड की जांच के इस तरीके से किसी भी व्यक्ति में संक्रमण की पहचान महज 30 मिनट में हो सकती है।
कोरोना जांच
- फोटो : Social Media
एक हफ्ते में तैयार हो सकती है जांच किट
- नेचर बॉयोमेडिकल इंजीनियरिंग पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, इस तकनीक की खासियत यह है कि कोरोना जांच के लिए टेस्ट किट महज एक हफ्ते में तैयार हो सकती है। शोधकर्ताओं का दावा है कि मौजूदा समय में कोरोना की जांच में इस्तेमाल हो रहे पीसीआर मॉलिक्यूलर टेस्ट से नतीजा काफी सटीक मिलता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया बेहद जटिल है।
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कोरोना जांच
- फोटो : PTI
शोधकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा पीसीआर जांच का तरीका हर जगह इस्तेमाल करने योग्य नहीं है। इसके लिए महंगे उपकरण जरूरी हैं, जो हर जगह उपलब्ध नहीं हो सकते। साथ ही इस जांच में कुशल विशेषज्ञ की भी जरूरत पड़ती है। इन बाधाओं और जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए जांच का नया तरीका ईजाद किया गया है।
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कोरोना जांच
- फोटो : Social Media
पोहांग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जिओंग वूक ली ने कहा, 'यह विधि जांच की आसान तकनीक है, तो तेजी से काम करती है। यह सटीकता के साथ आरएनए का विश्लेषण कर सकती है। जांच किट को इस तरह तैयार किया गया है कि संभावित मरीज के स्वैब नमूने में कोविड-19 आरएनए की मौजूदगी रहने पर यह न्यूक्लिक एसिड की उत्पत्ति करती है। इस तरीके से वायरस की पहचान तत्काल की जा सकती है। इसका नतीजा भी पीसीआर टेस्ट जितना सटीक है।