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आप जो सप्लीमेंट खा रहे, कहीं वह नकली तो नहीं, ऐसे पहचानें असली...वरना पछताएंगे
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 17 Jun 2018 09:53 AM IST
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फूड सप्लीमेंट
बचाव ही उपाय है, अगर ध्यान नहीं दिया तो जान जा सकती है। आप जो सप्लीमेंट खा रहे हैं, वह नकली हो सकता है जो जानलेवा साबित होगा। सलमान खान, ऋतिक रोशन व जॉन अब्राह्म की तरह अच्छी बॉडी बनाने के लिए युवा जीम में पसीना बहाने के साथ साथ फूड सप्लिमेंट्स भी खूब ले रहे हैं, लेकिन क्या कभी इन सप्लिमेंट्स की पहचान की है, कि मार्केट और जीमों में विदेशी ब्रांड के नाम पर बिकने वाले ये सप्लिमेंट्स असली हैं या नकली?
gym exercise
जी हां इनकी पहचना जरूर कर लें, नहीं तो ये आपकी सेहत को बनाने के बजाया बिगाड़ जरूर देंगे? दरसल इसकी जांच और सैंपलिंग की जिम्मेदारी ड्रग्स कंट्रोलर विभाग के कंधों पर है, लेकिन इस ओर ड्रग्स इंस्पेक्टर ध्यान नहीं देते। क्योंकि आज तक ट्राइसिटी में सप्लिमेंट्स की सैंपलिंग लेते न तो किसी ड्रग्स इंस्पेक्टर को देखा गया है और न ही वह इसकी जांच करने की जहमत उठाते हैं। नतीजा विदेशी ब्रांड के नाम पर नकली सप्लिमेंट्स बेचकर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।
जिम में एक्सरसाइज
एक्सपर्ट राय
फिटनेस एक्सपर्ट विवेक और निखिल ने बताया कि ऐसे पहचानिए असली और नकली प्रोटीन का फर्क-
- प्रोटीन का डिब्बा खोलते हीं मेडिसिन की स्मैल आएगी, अगर दवाइयों की स्मैल आती है तो समझ जाइए फूड सप्लिमेंट्स नकली है।
- असली प्रोटीन खाते हीं दातों पर चिपकेगा, क्योंकि कैल्सियम के साथ प्रोटीन रिएक्ट करता है।
- प्रोटीन को दूध या पानी के साथ घोलने पर 15-20 सेकेंड में आसानी से घुलने वाला असली है, अगर नहीं घुलता तो समझ लीजिए प्रोटीन नकली है।
फिटनेस एक्सपर्ट विवेक और निखिल ने बताया कि ऐसे पहचानिए असली और नकली प्रोटीन का फर्क-
- प्रोटीन का डिब्बा खोलते हीं मेडिसिन की स्मैल आएगी, अगर दवाइयों की स्मैल आती है तो समझ जाइए फूड सप्लिमेंट्स नकली है।
- असली प्रोटीन खाते हीं दातों पर चिपकेगा, क्योंकि कैल्सियम के साथ प्रोटीन रिएक्ट करता है।
- प्रोटीन को दूध या पानी के साथ घोलने पर 15-20 सेकेंड में आसानी से घुलने वाला असली है, अगर नहीं घुलता तो समझ लीजिए प्रोटीन नकली है।
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जिम में एक्सरसाइज
- कोई भी कंपनी बिना लाइसेंस के प्रोटीन पाउडर को न तो इम्पोर्ट कर सकती है और न ही बाजार में बेच सकती है। इसलिए असली पाउडर के पैक पर हमेशा लाइसेंस नंबर, डिब्बे या पैक पर टेस्ट सील का उल्लेख रहेगा।
- भारत में प्रोटीन पाउडर इम्पोर्ट करने और उसे बेचने का लाइसेंस चुनिंदा कंपनियों के पास ही है।
- हमेशा अधिकृत डीलर या लाइसेंस प्राप्त कंपनी से ही प्रोटीन पाउडर खरीदें। ऐस सभी प्रॉडक्ट्स पर यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर और एक्सपायरी डेट रहती है।
- भारत में प्रोटीन पाउडर इम्पोर्ट करने और उसे बेचने का लाइसेंस चुनिंदा कंपनियों के पास ही है।
- हमेशा अधिकृत डीलर या लाइसेंस प्राप्त कंपनी से ही प्रोटीन पाउडर खरीदें। ऐस सभी प्रॉडक्ट्स पर यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर और एक्सपायरी डेट रहती है।
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- फोटो : getty images
प्रोटीन की बजाय खानपान पर दें ज्यादा ध्यान
फिटनेस एक्सपर्ट विवेक और जिम ट्रेनर निखिल ने बताया कि प्रोटीन की बजाय अपने नेचुरल डाइट पर ध्यान दें। अंडा, मीट, सोया, पनीर, में पर्याप्त प्रोटीन होता है। इसके सेवन से आपके बॉडी की प्रोटीन पूरी हो जाती है। विवेक ने बताया कि गुड फैट्स के लिए जीम जाने वाले ड्राइफ्रूट्स भी ले सकते हैं।
फिटनेस एक्सपर्ट विवेक और जिम ट्रेनर निखिल ने बताया कि प्रोटीन की बजाय अपने नेचुरल डाइट पर ध्यान दें। अंडा, मीट, सोया, पनीर, में पर्याप्त प्रोटीन होता है। इसके सेवन से आपके बॉडी की प्रोटीन पूरी हो जाती है। विवेक ने बताया कि गुड फैट्स के लिए जीम जाने वाले ड्राइफ्रूट्स भी ले सकते हैं।