फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

हमेशा खूबसूरत और जवां दिखना चाहती हैं, तो ये नुस्खा आजमाएं, फायदा देखते रह जाएंगे

Sun, 17 Jun 2018 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 17 Jun 2018 09:50 AM IST
विज्ञापन
chandigarh, weird stories, dhosi hill, aravalli range
beauty
महिलाएं ध्यान दें, हमेशा खूबसूरत और जवां दिखना चाहती हैं तो एक ये नुस्ख आजमा ले, कुछ ही दिनों में फायदा नजर आने लगेगा। हम बात कर रहे हैं कायाकल्प औषधि की। यह एक ऐसी औषधि है, जिससे त्वचा तो अच्छी होती ही है और स्वास्थ्य भी दिनोंदिन बेहतर होता जाता है।
chandigarh, weird stories, dhosi hill, aravalli range
beauty
इस औषधि का एक विकल्प है च्यवनप्राश, जो एक आयुर्वेदिक दवा है। वैसे तो आयुर्वेद की सबसे महान खोज च्यवनप्राश को माना जाता है, पर शायद ही कोई यह जानता होगा कि च्यवनप्राश जैसी आयुर्वेदिक दवा धोसी पहाड़ी की देन है। धोसी पहाड़ी, अरावली पर्वत श्रृंखला के अंतिम छोर पर उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक सुप्त ज्वालामुखी है।
chandigarh, weird stories, dhosi hill, aravalli range
beauty
धोसी पहाड़ी भारत में स्थित है, यह दक्षिण हरियाणा एवं उत्तरी राजस्थान की सीमाओं पर स्थित है। पहाड़ी का हरियाणा वाला भाग महेंद्रगढ़ जिले में स्थित है एवं सिंघाणा मार्ग पर नारनौल से 5 किमी दूरी पर है और राजस्थान वाला भाग झुन्झुनू में स्थित है। धोसी पहाड़ी के बारे में लोगों का कहना है कि यह एक चमत्कारी पहाड़ी है। इसके रहस्य को न तो कोई जान पाया है और न ही जान पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
chandigarh, weird stories, dhosi hill, aravalli range
ब्यूटी टिप्स
उत्तरी अक्षांश 28*03'39.47" और पूर्वी देशान्तर 76*01'52.63" पर स्थित यह इकलौती पहाड़ी है, जो कई रहस्यमयी कारणों से चर्चित रहती है। इस पहाड़ी का उल्लेख विभिन्न धार्मिक पुस्तकों में भी मिलता है। इस ज्वालामुखी में हजारों साल से कोई विस्फोट नहीं हुआ है। धोसी पहाड़ी के बारे में कहा जाता है कि जो भी महान व्यक्ति इस पहाड़ी पर बैठकर वेद लिखता है, पहाड़ी उस व्यक्ति और वेद के महान तत्व अपने अंदर स्थापित कर लेती है।

 
विज्ञापन
chandigarh, weird stories, dhosi hill, aravalli range
beauty tips
धोसी पहाड़ी का रहस्य आज भी कायम है कि आखिरकार इसमें ऐसा क्या है जो महान वेदों, महान व्यक्तियों, ऋषियों के महान गुण अपने अंदर स्थापित कर लेती है और साथ में यह भी कि जब यह पहाड़ी ज्वालामुखी है तो कभी भी इसमें कोई विस्फोट क्यों नहीं हुआ है। महाभारत महाकाव्य के अनुसार इस पहाड़ी की उत्पत्ति त्रेता युग में हुई थी। लगभग 5100 वर्ष पूर्व पांडव भी अपने अज्ञातवास के दौरान यहां आए थे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed