सूखे मेवे-नट्स को सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी माना जाता है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया अगर आप रोजाना एक मु्ट्ठी नट्स का सेवन करते हैं तो ये कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकती है। नट्स में शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा होती है जो आपको गंभीर रोगों से बचाने में सहायक हो सकती है।
Healthy Diet: हार्ट-डायबिटीज वालों को इस नट से मिल सकता है लाभ, कोलेस्ट्रॉल-शुगर कंट्रोल रखने में फायदेमंद
पोषक तत्वों से भरपूर काजू
अध्ययनकर्ताओं ने बताया, काजू पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकते हैं। 28 ग्राम काजू से प्रोटीन (5 ग्राम), फाइबर (1 ग्राम), दैनिक जरूरतों का 20 प्रतिशत मैग्नीशियम और 15 फीसदी जिंक प्राप्त किया जा सकता है। काजू विशेष रूप से असंतृप्त वसा से भरपूर होता है, इसे समय पहले मौत और हृदय रोग के जोखिमों को कम करने वाला पाया गया है। इसमें शुगर की मात्रा कम होती है और ये फाइबर का स्रोत है, जिससे आपकी सेहत को लाभ मिल सकता है।
वजन बढ़ने का जोखिम कम
वजन कम करने के इच्छुक लोगों को आहार में नट्स की मात्रा शामिल करने की सलाह दी जाती है। अखरोट, बादाम और काजू जैसे नट्स में कैलोरी कम होती है, साथ ही ये अन्य पोषक तत्वों का समृद्ध स्रोत माने जाते हैं, ऐसे में इसके सेवन से वजन बढ़ने का खतरा कम होता है। इसके अलावा काजू के सेवन से हृदय के स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।
हृदय स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है
काजू सहित अन्य नट्स से भरपूर आहार को कई अध्ययनों में स्ट्रोक और हृदय रोगों के जोखिमों को कम करने वाला पाया गया है। एक अध्ययन में पाया गया कि टाइप-2 डायबिटीज वाले जिन लोगों ने दैनिक कैलोरी का 10% काजू का सेवन किया, उनमें एलडीएल (बैड) कोलेस्ट्रॉल कम हुआ। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की सीमित मात्रा को आमतौर पर अच्छे हृदय स्वास्थ्य के संकेतक के रूप में देखा जाता है।
डायबिटीज में इसके लाभ
टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों को अपने आहार में काजू शामिल करने से लाभ हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि काजू फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, ये पोषक तत्व जो रक्त शर्करा को बढ़ने से रोकने में मदद करता है और माना जाता है कि यह टाइप 2 डायबिटीज से भी सुरक्षा प्रदान करता है। एक अध्ययन में, टाइप-2 डायबिटीज वाले लोग जिन्होंने काजू का सेवन किया उनमें इंसुलिन का स्तर काफी नियंत्रित पाया गया।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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