हड्डियों की समस्याएं हर उम्र के लोगों में बढ़ती जा रही हैं। पहले इसे सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी के रूप में देखा जाता था, हालांकि अब 30 से कम उम्र वाले भी हड्डियों में कमजोरी, गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का शिकार देखे जा रहे हैं। महिलाओं में ये खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है, आमतौर पर 50 की उम्र के बाद मेनोपॉज के चलते होने वाला हार्मोनल असंतुलन महिलाओं में हड्डियों की बीमारी का खतरा और भी बढ़ा देता है।
डॉक्टर की चेतावनी: कैल्शियम-विटामिन डी ही काफी नहीं, डाइट में इस न्यूट्रिशन की कमी बना रही हड्डियों को कमजोर
Bone Problems: हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी है, लेकिन प्रोटीन भी अहम भूमिका निभाता है।ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन के साथ एक्सरसाइज और कैल्शियम, विटामिन डी व मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों पर ध्यान देना जरूरी है।
पहले ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को समझिए
ऑस्टियोपोरोसिस, हड्डियों की गंभीर समस्या है जिसमें हड्डियां कमजोर और भुरभुरी होने लग जाती हैं। डॉ. डग लुकास कहते हैं, इस बीमारी से बचने के लिए लोग कैल्शियम पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन उनकी डाइट में प्रोटीन काफी कम होता है। हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन भी बहुत जरूरी है।
दरअसल, हड्डियां केवल कैल्शियम से बनी सख्त संरचना नहीं हैं। उनके अंदर प्रोटीन का भी मजबूत ढांचा होता है, जो हड्डियों को मजबूती और लचीलापन देने में मदद करता है।
- डॉ. लुकास के मुताबिक, हड्डियों के का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन से बना होता है। इसमें मुख्य भूमिका कोलेजन की होती है। कोलेजन एक तरह का प्रोटीन है जो हड्डियों को लचीलापन और खिंचाव सहने की क्षमता देता है।
- यही प्रोटीन वाला ढांचा हड्डियों में कैल्शियम और दूसरे मिनरल को टिकाए रखने में मदद करता है।
- अगर शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो समय के साथ यह ढांचा कमजोर हो सकता है और हड्डियों की मजबूती व लचीलापन प्रभावित हो सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि कैल्शियम की जरूरत नहीं है। कैल्शियम हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन हड्डियों की सेहत केवल कैल्शियम पर निर्भर नहीं करती। इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन भी पर्याप्त प्रोटीन को हड्डियों और मांसपेशियों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण मानता है।
क्या आपकी डाइट में है भरपूर प्रोटीन?
डॉ. लुकास बताते हैं, स्वस्थ वयस्कों के लिए, रोजाना शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर कम से कम 0.8 ग्राम (प्रति पाउंड 0.36 ग्राम) प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है। महिलाओं के लिए रोजाना लगभग 46 ग्राम और पुरुषों के लिए 56 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं यह मात्रा आम लोगों की सामान्य डाइट से काफी ज्यादा हो सकती है। इसलिए इस स्तर तक पहुंचने के लिए भोजन को लेकर खास सावधानी की जरूरत है।
- डाइट में चिकन, मछली, अंडे, और पौधों से मिलने वाले अच्छे प्रोटीन वाले स्रोतों को नियमित रूप से शामिल करना चाहिए।
हड्डियों की मजबूती के लिए और किन बातों पर दें ध्यान
डॉ. लुकास बताते हैं, डाइट में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाना हड्डियों सहित संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन केवल प्रोटीन से पूरी समस्या हल नहीं होती। आपको कुछ और बातों पर ध्यान देना चाहिए।
- रोजाना पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
- नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि जरूरी है। वेट लिफ्टिंग वाली गतिविधियां हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करती हैं।
- डाइट में कैल्शियम, विटामिन डी3, विटामिन के और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भी संतुलित मात्रा में जरूरी हैं।
- कैल्शियम हड्डियों की संरचना के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि विटामिन डी शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है।
- हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कम उम्र से ही अपनी सेहत पर ध्यान देना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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