वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2020 का बजट पेश किया। उन्होंने अपने बजट में संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबसे बड़ी घोषणा की। निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2500 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार पांच पुरातात्विक स्थलों का कायाकल्प करेगी। ये पुरातात्विक स्थल राखीगढ़ी, हस्तिनापुर, शिवसागर, धोलावीरा एवं आदिचेल्लनूर हैं। इन सभी जगहों पर म्यूजियम बनेंगे और इन स्थलों का कायाकल्प होने से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। दरअसल, इन सभी स्थलों का भारतीय इतिहास, संस्कृति और सभ्यता से गहरा नाता रहा है। इसके अलावा सरकार संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक डीम्ड यूनिवर्सिटी भी खोलेगी।
Budget 2020: पर्यटन-संस्कृति पर मोदी सरकार का सबसे बड़ा फैसला, दुनिया के नक्शे पर चमकेंगे ये 5 स्थल
राखीगढ़ी
राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले में स्थित है। दिल्ली से राखीगढ़ी की दूरी करीब 150 किलोमीटर है। यह एक ऐसा पुरातात्विक स्थल है जहां सिंधु घाटी की पूर्व सभ्यता के साक्ष्य मिले हैं। यहां 4,500 साल पुराने कंकाल के "पेट्रस बोन'' के अवशेष मिले हैं। इसकी वजह से राखीगढ़ी ने पूरे दुनिया के पुरातत्वविदों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है।
हस्तिनापुर
हस्तिनापुर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है। वित्त मंत्री ने इस पुरातात्विक स्थल को विकसित करने और यहां म्यूजियम बनाने की घोषणा की है। हस्तिनापुर कुरू साम्राज्य की राजधानी थी। जैन साहित्य में भी इस स्थल के महत्व का वर्णन है। महाभारत में भी हस्तिनापुर को कुरु वंश के राजाओं की राजधानी बताया गया है। हिंदू इतिहास में हस्तिनापुर के लिए पहला संदर्भ सम्राट भरत की राजधानी के रूप में आता है। महाकाव्य महाभारत में वर्णित घटनाए हस्तिनापुर में घटी घटनाओ पर आधारित है। वित्त मंत्री ने बजट में इस स्थल को म्यूजियम के तौर पर विकसित करने की घोषणा की है।
शिवसागर
शिवसागर पुरातत्व स्थल असम में है। यहां एक बहुत बड़ी झील है और यहां का इतिहास अहोम राजा शिव सिंह से जुड़ा हुआ है। यह अहोम साम्राज्य की राजधानी थी। अहोम साम्राज्य ने असम में छह शताब्दी तक शासन किया।
धोलावीरा गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। यह स्थल प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता का एक खंडहर हैं। सरकार ने यहां म्यूजियम बनाने की घोषणा की है।