क्रिसमस और फिर नए साल का जश्न, अब छुट्टियों-आनंद के सीजन की शुरुआत हो चुकी है। त्योहारों-पार्टियों का सीजन खूब खाने-पीने और आनंद लेने का समय होता है। हालांकि इन सबके बीच अपनी सेहत को बिल्कुल भी अनदेखा न करें। विशेषतौर पर जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उनको क्रिसमस और नए साल के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
Christmas 2024: जश्न के दौरान केक-कुकीज कहीं बढ़ा न दें शुगर का लेवल? डायबिटीज रोगियों के लिए जरूर हैं ये उपाय
ब्लड शुगर की करते रहें रीडिंग
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, त्योहारों के दौरान आप पाएंगे कि छुट्टियों में हमारी शारीरिक सक्रियता सामान्य से कम हो जाती है या दिनचर्या में बदलाव के कारण आपके रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक होने लगता है। इसके अलावा खान-पान में असावधानी, ज्यादा नमक या मीठे चीजों के सेवन के कारण जटिलताएं बढ़ सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि सभी सावधानियां बरतने के साथ ब्लड शुगर की रीडिंग समय-समय पर लेते रहें। अगर शुगर बढ़ रहा है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
कार्बोहाइड्रेट की कम करें मात्रा
यदि आप क्रिसमस और फिर नए साल के जश्न के दौरान केक या मिठाइयां खाना चाहते हैं तो भोजन से कार्बोहाइड्रेट वाली अन्य चीजों का सेवन बिल्कुल कम कर दें। ब्लड शुगर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है तो केक-कुकीज और मीठे व्यंजनों से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें। शुगर के लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए आहार के साथ-साथ दिनचर्या को ठीक रखना भी बहुत जरूरी है।
शारीरिक रूप से रहें सक्रिय
त्योहारी सीजन में शुगर बढ़ने का एक बड़ा कारण शारीरिक निष्क्रियता को माना जाता है। साल के इस समय में छुट्टियों में लोग आराम करना पसंद करते हैं, लेकिन डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम के लिए समय निकालना महत्वपूर्ण है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से आपके रक्त शर्करा के स्तर, रक्तचाप और रक्त में वसा की मात्रा को प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है। तेज चलना या हल्के स्तर के घरेलू व्यायाम भी आपके लिए मददगार हो सकते हैं।
पेय पदार्थों को लेकर बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ लोग क्रिसमस-नए साल के जश्न में अल्कोहल का सेवन करते हैं, पर ये डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत समस्याकारक हो सकती है। अल्कोह हो या मीठ-शीतल पेय, ये तेजी से शुगर को बढ़ा देते हैं। इसकी जगह पर आप फलों के जूस या उन पेय का सेवन कर सकते हैं जिनमें शुगर की मात्रा बिल्कुल न हो। ये उपाय मधुमेह को कंट्रोल में रखने के लिए जरूरी हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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