दिमाग, हमारे शरीर के सभी कार्यों को नियंत्रित करता है। जैसे अब भूख लगी है, अब सोना है, अब आपको ख़ुशी महसूस हो रही है, अब दुःख आदि। यह एक प्राकृतिक क्रम है जो तब तक सुचारू रहता है जब तक कोई स्थिति बीच में आकर इसे असंतुलित नहीं करती। दिमाग के काम में असंतुलन कई वजहों से हो सकता है, कुछ में यह अस्थाई हो सकता है, जबकि कुछ में स्थायी भी। समय पर इलाज या काउंसिलिंग मिलने से ज्यादातर ऐसे असंतुलन नियंत्रण में आ सकते हैं लेकिन मुश्किल यह है कि हम दिमाग की ऐसी समस्याओं को अक्सर नजरअंदाज करते हैं।
बाइपोलर डिसऑर्डर: रोगियों को होती है विशेष देखभाल की जरूरत, जानिए क्या खाएं-क्या नहीं?
मानसिक स्वास्थ्य और भोजन का महत्व
किसी भी अन्य चिकित्सकीय समस्या की तरह ही मानसिक स्वास्थ्य की समस्या में भी भोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चूंकि शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी सही और संतुलित पोषण की जरूरत होती है, इसलिए बाइपोलर डिसऑर्डर में भी सही डाइट जरूरी होती है। बाइपोलर डिसऑर्डर के रोगियों में वजन बढ़ने और उसकी वजह से होने वाली बीमारियों की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए ऐसे रोगियों को आहार का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
इन चीजों से करें परहेज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्या हो उन्हें सैचुरेटेड फैट्स जैसे बटर, चीज, रेड मीट, ट्रांसफैट्स जैसे फ्रेंचफ्राइज़, समोसे, कचौरी, पकौड़े, केक, डोनट्स या चिप्स के साथ कार्बोहाइड्रेट्स यानी शुगर या प्रोसेस्ड फ़ूड के सेवन से परहेज करना चाहिए। इनका सेवन करें भी तो बहुत कम मात्रा में। ये मोटापा बढ़ाने, डायबिटीज व दिल के रोगों की आशंका को बढ़ाने के साथ ही मूड स्विंग्स के एपिसोड्स को भी ट्रिगर कर सकते हैं। कैफीन और नमक के उपयोग को भी नियंत्रण में रखने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
इन चीजों का सेवन माना जाता है लाभदायक
सही डाइट वजन को संतुलित रखने के साथ ही दिमाग को सही तरीके से काम करने में भी मदद करती है। अपनी डाइट में रोज कम से कम एक ताजा और मौसमी फल शामिल करें। इसके साथ ताज़ी मौसमी सब्जियां, सोयाबीन, मूंगफली, चने, दालें, साबुत अनाज, मछली, अंडे, अखरोट जैसे ड्रायफ्रूट्स आदि को जरूर शामिल करें। चूंकि शरीर और दिमाग के भरपूर पोषण के लिए फैट्स की कुछ मात्रा भी जरूरी होती है, इसलिए फैट्स को एकदम बंद न करें, बल्कि इसका सही विकल्प अपनाएं।
आहार के बारे में लें सलाह
यदि आप अपनी डाइट में कोई चीज मिस कर रहे हैं तो डॉक्टर से सही सप्लीमेंट्स के लिए जानकारी लें। उदाहरण के लिए ओमेगा थ्री फैटी एसिड जो कि दिल के साथ-साथ दिमाग की सेहत के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है। कुछ शोध यह भी बताते हैं कि यह डिप्रेशन को कम करने में भी सहायक हो सकता है। सप्लीमेंट्स की मात्रा और इसे कितनी अवधि तक लेना है, यह डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही रहे।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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