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कोरोना वायरस: हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के ट्रायल पर डब्ल्यूएचओ ने क्यों लगाई रोक, कहां जारी रहेगा इस्तेमाल?

Tue, 26 May 2020 11:24 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Tue, 26 May 2020 11:24 AM IST
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All you need to know about Hydroxychloroquine Trial Over Safety Concerns, WHO bans it
Hydroxychloroquine Tablet - फोटो : Social Media

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 के मरीजों पर मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) का क्लीनिकल ट्रायल सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अस्थायी तौर पर रोकने की बात कही थी। प्रतिष्ठित स्वास्थ्य जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि कोरोना मरीजों को इस दवा से फायदे की बजाय नुकसान हो रहा है। इस बीच यह भी कहा जा रहा है कि चीन की स्वास्थ्य जर्नल की रिपोर्ट के बाद ही डब्ल्यूएचओ ने यह फैसला लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दवा की तारीफ की थी। कोरोना मरीजों के इलाज में मददगार होने की बात सामने आने के बाद भारत ने दुनिया के कई देशों को इस दवा की आपूर्ति की है। मालूम हो कि भारतीय कंपनियां बड़े पैमाने पर इस दवा का उत्पादन करती हैं।

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Hydroxychloroquine Tablet - फोटो : Social Media

लैंसेट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) लेने वाले कोविड 19 के मरीजों की मौत की संख्या ये दवा नहीं लेने वाले मरीजों की संख्या में ज्यादा है। मालूम हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 देशों के 3,500 कोरोना मरीजों को दवाओं के ट्रायल के लिए शामिल किया था। इसे सॉलिडेटरी ट्रायल का नाम दिया गया था। 

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Chloroquine Tablet - फोटो : Social Media

इस ट्रायल का मकसद कोविड की दवा ढूंढना था। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ट्रायल में शामिल मरीजों पर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और तीन अन्य दवाओं का रैंडमाइज्ड ट्रायल शुरू किया जाना था। अब हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के ट्रायल पर रोक लगाई गई है, लेकिन बाकी दवाओं का ट्रायल जारी रहेगा। 

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हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्विन (सांकेतिक) - फोटो : social media

लैंसेट के शोध में क्या है रिपोर्ट
लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि शोध में क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से कोविड-19 मरीजों को फायदा नहीं पहुंच रहा है। इसलिए अब क्लीनिकल ट्रायल और कोरोना मरीजों के इलाज में इसके इस्तेमाल पर रोक लगनी चाहिए। 

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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media

लैंसेट ने शोधकर्ताओं सी फंक-ब्रेंटानो और जे सलेम की टिप्पणी साझा करते हुए कहा है कि प्राथमिक रिपोर्टों के साथ आए नतीजे बताते हैं कि क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को अकेले या फिर अझिथ्रोमाइसिन के साथ खाना फायदेमंद नहीं है। इससे कोविड-19 मरीजों को नुकसान हो सकता है।

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