विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 के मरीजों पर मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) का क्लीनिकल ट्रायल सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अस्थायी तौर पर रोकने की बात कही थी। प्रतिष्ठित स्वास्थ्य जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि कोरोना मरीजों को इस दवा से फायदे की बजाय नुकसान हो रहा है। इस बीच यह भी कहा जा रहा है कि चीन की स्वास्थ्य जर्नल की रिपोर्ट के बाद ही डब्ल्यूएचओ ने यह फैसला लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दवा की तारीफ की थी। कोरोना मरीजों के इलाज में मददगार होने की बात सामने आने के बाद भारत ने दुनिया के कई देशों को इस दवा की आपूर्ति की है। मालूम हो कि भारतीय कंपनियां बड़े पैमाने पर इस दवा का उत्पादन करती हैं।
कोरोना वायरस: हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के ट्रायल पर डब्ल्यूएचओ ने क्यों लगाई रोक, कहां जारी रहेगा इस्तेमाल?
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Tue, 26 May 2020 11:24 AM IST
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