हम अपने आसपास कई ऐसी बीमारियों के बारे में सुनते हैं और कई ऐसे लोगों को देखते हैं, जो कई गंभीर और खतरनाक बीमारियों से पीड़ित होते हैं। ऐसे में इन लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हर कोई इनसे बचने के लिए कई जरूरी कदम भी उठाता है, लेकिन कई बार कुछ ऐसे लक्षण होते हैं जो हमें नजर तो आते हैं लेकिन हम या तो इन्हें नजरअंदाज करते हैं या फिर हमें इनके बारे में कोई जानकारी ही नहीं होती। जबकि ये लक्षण हमें अंदर ही अंदर किसी बड़ी बीमारी का शिकार बनाते रहते हैं। जैसे ट्यूमर, दरअसल, अमेरिका के नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, रात में पेशाब लगना मूत्रमार्ग में बढ़ते ट्यूमर की वजह से भी हो सकता है। तो चलिए आपको इस बारे में बताते हैं...
अलर्ट: अगर आप भी आधी रात को बार-बार जा रहे हैं टॉयलेट, तो हो सकते हैं इस गंभीर बीमारी के शिकार
- दरअसल, अमेरिका के नेशनल हेल्थ सर्विस यानी एनएचएस के मुताबिक, रात में पेशाब लगना मूत्रमार्ग में बढ़ते ट्यूमर की वजह भी हो सकता है। ये प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेडिएशन के दुष्प्रभाव के कारण भी हो सकता है। रात में कई लोग काफी बार बाथरूम जाते हैं, जिसे नोक्टूरिया कहा जाता है और ये एक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
इसलिए नोक्टूरिया है खतरनाक
- नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार, 'आमतौर पर प्रोस्टेट कैंसर के कोई भी लक्षण तब तक नहीं दिखाई देते हैं या सामने नहीं आते हैं तब तक ये बढ़ न जाएं। वहीं, इसके कारण यूरिन वाली ट्यूब पर भी दबाव पड़ता है।' वहीं, दिन से अगर तुलना की जाए तो रात में बार-बार बाथरूम जाना प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों में शामिल है।
समझिए क्या है प्रोस्टेट
- बात अगर प्रोस्टेट की करें, तो ये एक ऐसी ग्रंथि होती है, जो सिर्फ पुरुषों में होती है और ये मूत्रमार्ग के पास ही होती है। प्रोस्टेट एक तरल पदार्थ का उत्पादन करता है, जो स्पर्म के साथ मिलता है और फिर इससे सीमेन बनता है। ये प्रजनन के लिए भी बहुत जरूरी होता है। वहीं, शरीर के इस अंग में भी कैंसर हो सकता है।
- कई लोगों को ये कैंसर हो जाता है, और वो इसके लक्षणों को समझ तक नहीं पाते हैं। ऐसे में धीरे-धीरे करके ये पूरे शरीर में फैल जाता है और फिर ये जानलेवा तक हो सकता है। इसलिए अगर रात में बार-बार आप पेशाब करने जाते हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
स्त्रोत और संदर्भ:
नेशनल हेल्थ सर्विस
https://www.nhs.uk/
नोट: इस लेख को अमेरिका के नेशनल हेल्थ सर्विस द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।