इनफर्टिलिटी यानी बांझपन वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर समस्या है। लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने इसके खतरे को और भी बढ़ा दिया है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाजेशन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में लगभग 6 में से 1 कपल को बांझपन की दिक्कत हो सकती है। विश्व भर में बांझपन से पीड़ित 6-8 करोड़ कपल्स में से 15-20 मिलियन यानी करीब दो करोड़ (25%) भारत से हैं।
Infertility: इनफर्टिलिटी के लिए कौन जिम्मेदार महिला या पुरुष, क्यों बढ़ रही है दिक्कत? विशेषज्ञ से जानिए
Why Infertility Is Increasing: जब भी बात इंफर्टिलिटी की होती है तो इसके लिए महिलाओं को दोषी ठहराया जाता है। फर्टिलिटी में स्पेशलाइजेशन करने वाली न्यूट्रिशनल थेरेपिस्ट एमी स्वान ने बताया कि कौन इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है? क्यों बांझपन का खतरा बढ़ता जा रहा है?
इनफर्टिलिटी के 50% मामलों के लिए पुरुष जिम्मेदार
इनफर्टिलिटी यानी गर्भधारण करने में होने वाली दिक्कत भारतीय आबादी के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब भी बात इंफर्टिलिटी की होती है तो इसके लिए महिलाओं को दोषी ठहराया जाता है। हालांकि फर्टिलिटी में स्पेशलाइजेशन करने वाली न्यूट्रिशनल थेरेपिस्ट एमी स्वान के अनुसार, इनफर्टिलिटी के 50% तक मामलों में मेल फैक्टर जिम्मेदार हो सकता है।
- एमी कहती हैं, यह एक बहुत बड़ा हिस्सा है। असलियत यह है कि बहुत से लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं होता है।
- 1970 के दशक से वैश्विक स्तर पर स्पर्म काउंट में लगभग 50% की गिरावट आई है, जिसने इंफर्टिलिटी के जोखिमों को बढ़ा दिया है।
स्पर्म क्वालिटी में गिरावट और इसके कारण
पुरुषों के स्पर्म हेल्थ में गिरावट के कारणों को समझने के लिए एमी ने लंबे समय तक अध्ययन किया। उन्होंने अपने निष्कर्ष वर्ल्ड हेल्थ कांग्रेस में प्रस्तुत किए।
फर्टिलिटी एक्सपर्ट कहती हैं, स्पर्म काउंट में कमी और बढ़ती इंफर्टिलिटी की समस्या के लिए लाइफस्टाइल और हमारे खाने की गड़बड़ आदतें मुख्य वजह हो सकती है। वह बताती हैं, जब लोग जांच के लिए फर्टिलिटी क्लीनिक में आते हैं तो टेस्ट के दौरान यह देखते हैं कि स्पर्म क्वालिटी ठीक है या नहीं, ये सही दिशा में तैर रहे हैं और इनकी गति कैसी है? हालांकि इनफर्टिलिटी इससे कहीं ज्यादा जटिल समस्या है।
एमी कहती हैं, जैसे-जैसे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, इसके साथ-साथ स्पर्म डीएनए फ्रैगमेंटेशन भी बढ़ता जाता है, जो पुरुषों में इंफर्टिलिटी बढ़ाने का प्रमुख कारण है।
सुधार लें ये गड़बड़ आदतें
फर्टिलिटी एक्सपर्ट एमी कहती हैं, लाइफस्टाल और खानपान की गड़बड़ी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इंफर्टिलिटी दोनों को बढ़ाने वाली मानी जाती है। जिन दो कारणों को इस समस्या के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार पाया गया है कि वह है टाइट-फिटिंग अंडरवियर पहनना और शराब-धूम्रपान की आदत।
- अगर आप टाइट-फिटिंग अंडरवियर पहन रहे हैं तो तुरंत ये आदत ठीक कर लें। इस तरह के अंडरवियर टेस्टिस पर न सिर्फ दबाव बढ़ाते हैं बल्कि गर्मी भी पैदा करते हैं। इससे स्पर्म को नुकसान पहुंचता है।
- बहुत ज्यादा साइकिलिंग और लंबे समय तक गर्मी में रहने से भी फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है।’
- शराब पीना, स्मोकिंग या वेपिंग, बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स खाना, न्यूट्रिएंट्स वाली डाइट न लेना और क्रॉनिक स्ट्रेस, ये सब भी प्रजनन स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालने वाले हो सकते हैं।
डाइट में सुधार से भी पा सकते हैं आराम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र के साथ स्पर्म और एग दोनों की क्वालिटी कम हो जाती है। इसलिए एंटीऑक्सीडेंट्स, न्यूट्रिएंट्स से भरपूर डाइट और टॉक्सिन के संपर्क में कम आना पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए बहुत जरूरी है।
कुछ खास खाद्य पदार्थ प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिनस-माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे पोषक तत्व हैं जो ओव्यूलेशन को बढ़ाते हैं या स्पर्म की क्वालिटी में सुधार करते हैं। हालांकि ये बांझपन का इलाज नहीं है। यहां जानिए क्या चीजें खाना फर्टिलिटी को सुधारने में आपके लिए मददगार हो सकता है?
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स्रोत
leading nutritionist gives expert advice and shares her life-enhancing recipes to improve men's fertility
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