Traditional Thali: आजकल बाजरा, जौ, रागी और अन्य देसी अनाजों का क्रेज फिर से बढ़ रहा है। शहरी और ग्रामीण दोनों ही इलाके इन पोषक तत्वों से भरपूर अनाजों को अपने आहार में शामिल कर रहे हैं। कई लोग अब गेहूं और चावल की जगह बाजरे की रोटियां, रागी की खिचड़ी और जौ का हलवा पसंद कर रहे हैं।
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Traditional Thali: हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए वापस लौट रही देसी थाली, जानें क्यों बढ़ रहा मोटे अनाजों का ट्रेंड
Sun, 26 Oct 2025 04:45 PM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Sun, 26 Oct 2025 04:45 PM IST
सार
Traditional Thali: एक बार फिर से अब पारंपरिक देसी थाली का महत्व बढ़ रहा है। पोषण और स्वाद दोनों के लिहाज से ये थाली हर उम्र के लोगों के लिए आदर्श बन गई है। यहां हम आपको इसकी वजह बताएंगे।
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हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए वापस लौट रही देसी थाली
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ऊर्जा बढ़ाए
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ऊर्जा बढ़ाए
बाजरा, जौ और रागी जैसे अनाज में कार्बोहाइड्रेट अच्छी मात्रा में होते हैं। ये धीरे-धीरे ऊर्जा रिलीज करते हैं, जिससे दिनभर शरीर को सक्रिय रखने में मदद मिलती है।
बाजरा, जौ और रागी जैसे अनाज में कार्बोहाइड्रेट अच्छी मात्रा में होते हैं। ये धीरे-धीरे ऊर्जा रिलीज करते हैं, जिससे दिनभर शरीर को सक्रिय रखने में मदद मिलती है।
इम्यूनिटी मजबूत करे
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इम्यूनिटी मजबूत करे
दालें और मोटे अनाज विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं। ये तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।
दालें और मोटे अनाज विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं। ये तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।
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पाचन सुधारें
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पाचन सुधारें
फाइबर युक्त अनाज जैसे बाजरा और जौ, आंतों की गतिविधियों को दुरुस्त रखते हैं। ये कब्ज और गैस जैसी पाचन समस्याओं को रोकने में मदद करता है।
फाइबर युक्त अनाज जैसे बाजरा और जौ, आंतों की गतिविधियों को दुरुस्त रखते हैं। ये कब्ज और गैस जैसी पाचन समस्याओं को रोकने में मदद करता है।
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हृदय स्वास्थ्य
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हृदय स्वास्थ्य
जौ और बाजरे में ओमेगा-3 फैटी एसिड और सॉल्यूबल फाइबर होता है। ये खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हृदय रोगों के जोखिम को घटाता है।
जौ और बाजरे में ओमेगा-3 फैटी एसिड और सॉल्यूबल फाइबर होता है। ये खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हृदय रोगों के जोखिम को घटाता है।