कब्ज की समस्या को झेलना कितना मुश्किल होता है, इस बात को केवल वो लोग ही समझ सकते हैं जो इससे परेशान रहते हैं। कब्ज होने के कई कारण हो सकते हैं। यह समस्या अधिक वजन होने के कारण भी हो सकती है या खाना खाने के बाद सीधे लेट जाने के कारण भी। इसके अलावा चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय को पीने से भी कब्ज की समस्या हो जाती है। अच्छे खान-पान के बावजूद भी ये समस्या हो जाती है। वैसे इस समस्या के लिए तो कई घरेलू उपाय हैं, लेकिन आज हम आपको कुछ योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं। कब्ज की समस्या से राहत पाने में इन योगासन का अभ्यास कारगर हो सकते हैं।
ये 3 योगासन चुटकियों में दूर कर देंगे कब्ज की समस्या, नियमित करें अभ्यास
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नौकासन
कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए सबसे अच्छा नेचुरल तरीका योगासन हो सकता है। इसके अभ्यास से आप कब्ज में तुरंत राहत पा सकते हैं। नौकासन का अभ्यास करने के लिए पीठ के बल आराम से लेट जाएं। अब सांस लेते हुए अपने पैरों को जमीन से थोड़ा ऊपर उठाएं। सिर, कंधों औप हाथों को सीध में रखते हुए पैर की उंगलियों पर ध्यान करें। अह अपनी क्षमतानुसार सांस को रोकें। इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस आसन को कम से कम 3 से 5 बार दोहराएं।
पश्चिमोतानासन
इस आसन का अभ्यास कब्ज की समस्या में काफी फायदेमंद हो सकता है। पश्चिमोतानासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पैरों को सामने लाते हुए बैठ जाएं। इसके बाद अपनी दोनों एड़ी को पंजे से मिलाकर रखें। अब सांस छोड़ते हुए आगे झुकें और अपने दोनों हाथों से दोनों पैर के अंगूठे पकड़ लें। माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियां जमीन पर लगी रहेंगी।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन
अर्ध मत्स्येन्द्रासन का अभ्यास करने के लिए पैरों को सामने फैलाते हुए बैठ जाएं। अब अपने बाएं पैर के घुटने को मोड़ें और दाएं पैर को बाएं घुटने के ऊपर से लाते हुए रखें। ध्यान रहे कि आपके पंजे घुटनों से आगे न जाए। अब बाएं हाथ को कंधों से घुमाते हुए दाएं पैर के ऊपर से इस प्रकार लाएं कि दाएं पैर का अंगूठा पकड़ लें और दाएं हाथ को पीछे से घुमाते हुए नाभि को छूने की कोशिश करें। ठीक इसी प्रक्रिया को विपरीत दिशा में भी करें।