ब्रिटेन की सरकार का अनुमान है कि 2030 तक अकेले ब्रिटेन में जीन और सेल थेरेपी से 19 हजार से ज्यादा नई नौकरियां पैदा होंगी। अमरीका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स ने बायोमेडिकल इंजीनियरों की नौकरी में 7 फीसदी और मेडिकल साइंटिस्ट की नौकरी में 13 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। दोनों को मिलाकर करीब 17 हजार 500 नौकरियां पैदा होंगी।
प्रयोगशालाओं से अलग भी लोगों की जरूरत होती है। इनमें वे लोग भी शामिल होते हैं जो मरीजों के जीनोम और उनके इलाज से जुड़े डेटा को संभालने में मदद करते हैं। अमरीकन सोसाइटी ऑफ जीन एंड सेल थेरेपी की प्रमुख और स्टैंनफोर्ड यूनिवर्सिटी में जेनेटिक्स की प्रोफेसर मिशेल कैलॉस कहती हैं, "जीन थेरेपी चिकित्सा अनुसंधान और विकास उद्योग का एक स्वीकार्य और बढ़ता हुआ हिस्सा बन रहा है।"
"जीन थेरेपी की स्थापित और नई कंपनियों के विकास के साथ नौकरियां भी बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि इन कंपनियों को विस्तार के लिए नये वैज्ञानिकों की भर्ती करनी होगी।" "जीन थेरेपी इंडस्ट्री को जेनेटिक्स, मेडिसिन, मोलेक्युलर बायलॉजी, वायरोलॉजी, बायो-इंजीनियरिंग और केमिकल इंजीनियरिंग जैसे वैज्ञानिक विषयों के साथ बिजनेस ग्रैजुएट्स की भी ज़रूरत होती है।"
जीन संपादन को मिल रहे प्रचार का प्रमुख कारण उन आनुवंशिक दोषों को ठीक करने की इसकी क्षमता है, जिनका अब तक कोई इलाज नहीं था, जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस और हेमोफीलिया। कई प्रमुख दवा कंपनियां यह मानकर चल रही हैं कि आने वाले दिनों में यह हेल्थकेयर का अहम औजार बनेगी। कुछ अनुमानों के मुताबिक, जीनोम संपादन का वैश्विक बाजार 5 साल में 2017 के स्तर से दोगुना होकर 6.28 अरब डॉलर या 4.84 अरब पाउंड तक पहुंच जाएगा।
इस साल की शुरुआत में ब्रिटेन की सरकार ने एलान किया कि नये इलाज के विकास में तेज़ी लाने के लिए वह एक नये सेल एंड जीन थेरेपी मैन्युफैक्चरिंग सेंटर में 6 करोड़ पाउंड (7.6 करोड़ डॉलर) का निवेश कर रही है। अमरीका में नेशनल ह्यूमन जीनोम रिसर्च इंस्टीट्यूट ने भविष्यवाणी की है कि इस विकास के साथ कर्मचारियों की मांग में खासी बढ़ोतरी होगी। कैंसर, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों के इलाज के लिए करीब 2700 क्लीनिकल परीक्षण हैं, जिनमें जीन थेरेपी का उपयोग होता है या जिनमें इसके उपयोग की अनुमति मिल चुकी है।