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B'Day Spcl: सरदार पटेल ने कैसे कराया था भारत में कश्मीर का विलय?

Mon, 31 Oct 2016 12:19 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Mon, 31 Oct 2016 12:19 PM IST
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STORY OF ACCESSION OF KASHMIR IN INDIA
सरदार पटेल
भारतीय संघ के विलय पत्र पर महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्तूबर 1947 को हस्ताक्षर किए थे। इसी वजह से 26 अक्तूबर को विलय दिवस के रूप में जाना जाता है। कश्मीर के विलय के लिए जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह को मनाना बड़ी चुनौती थी लेकिन अंततः महाराजा हरि सिंह कश्मीर के भारत में विलय को राजी हो गए। जानें कैसे बल्लभ भाई पटेल ने कराया कश्मीर का भारत में विलय, तस्वीरें। 
STORY OF ACCESSION OF KASHMIR IN INDIA
सरदार पटेल
कश्मीर को लेकर विवाद और फिर महाराजा हरि सिंह द्वारा विलय पत्र पर हस्ताक्षर की पृष्ठभूमि भारत की आजादी के साथ शुरू हुई। 
STORY OF ACCESSION OF KASHMIR IN INDIA
सरदार पटेल
सरदार वल्लभ भाई पटेल जब देश की तमाम रियासतों का भारतीय संघ में विलय करवाने में जुटे थे तब जम्मू-कश्मीर, जूनागढ़ और हैदराबाद पर मामला अटका था।
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STORY OF ACCESSION OF KASHMIR IN INDIA
Muhammad Ali Jinnah
जम्मू-कश्मीर रियासत की मुस्लिम बहुलता को देखते हुए पाकिस्तान ने इसे कब्जाने की कोशिश की। 24 अक्तूबर, 1947 की सुबह हजारों की तादाद में कबायली कश्मीर में घुस आए। 
 
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STORY OF ACCESSION OF KASHMIR IN INDIA
HARI SINGH - फोटो : File Photo
वे श्रीनगर पर कब्जा करना चाहते थे। महाराजा ने भारत से मदद मांगी। 25 अक्तूबर को पटेल के नजदीकी प्रशासक वीपी मेनन श्रीनगर पहुंचे और उन्हें भारत में विलय का प्रस्ताव दिया। 
 
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