अगले महीने मेरी बेटी की शादी है। हम पर रहम करो। खुदा के लिए बाहर आ जाओ। यह घर मैंने काफी मेहनत से बनाया है। इससे मत उजाड़ो। मेरी जिंदगी भर की जमा पूंजी इस घर को बनाने में लगी। किसी भी पत्थर दिल को पिघला देने वाली ये गुहार एक बेटी के माता-पिता की थी। लेकिन लाचार माता-पिता को पता नहीं था कि वो जिनसे इंसानियत की भीख मांग रहे हैं, असल में वो इंसानियत के ही दुश्मन हैं।
आतंकियों से एक पिता बोला- अगले महीने मेरी बेटी की शादी है, खुदा के वास्ते मेरे घर को मत उजाड़ो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 22 Jun 2020 02:13 PM IST
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