जम्मू के पुंछ में मेंढर तहसील के भाटादूड़ियां जंगल में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के बीच सेना ने दो बड़े धमाके किए। सूत्रों के अनुसार यह धमाके आईईडी लगाकर किए गए। बताया जा रहा है कि सेना को आतंकियों के ठिकाने मिले थे, जिन्हें धमाके से उड़ाया गया। उधर, आतंकियों की तलाश और संभावित ठिकानों की पहचान कर गोलीबारी का सिलसिला सोमवार भी जारी रहा। चमरेड़ जंगल में 11 अक्तूबर को हुए पहले हमले के आठवें दिन और भाटादूड़ियां में 14 अक्तूबर को हमले के पांचवें दिन भी जंगल में रुक रुक कर फायरिंग होती रही, जोकि मंगलवार को भी जारी है। सेना ने घेराबंदी को कड़ा कर दिया है, लेकिन घना जंगल होने की वजह से सेना का ऑपरेशन कदम दर कदम आगे बढ़ रहा है।
पुंछ मुठभेड़: आईईडी से उड़ाए गए आतंकी ठिकाने, ड्रोन से किए गए ग्रेनेड हमले, मददगारों की तलाश में जुटी सेना
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आतंकियों के चिह्नित ठिकानों पर लगातार गोलीबारी की जा रही है। सेना ने सोमवार को ड्रोन का इस्तेमाल भी किया। ड्रोन से चिह्नित ठिकानों पर ग्रेनेड दागे गए, जिससे देर तक इलाका धमाकों से गूंजता रहा। घने जंगल में चल रहे ऑपरेशन को अत्याधुनिक हथियारों से अंजाम दिया जा रहा है।
पुंछ के जंगलों में आतंकियों को तलाश रही सेना को अब तक एक भी आतंकी नहीं मिला है। आतंकियों के साथ आमने सामने गोली तो चलती है, लेकिन यह लोग सामने नहीं आ रहे। सेना को आतंकी चकमा दे रहे हैं। सेना को आतंकियों के साथ एक से दो स्थानीय गाइड होने का शक है, जिन्हें पूरे इलाके के जंगलों की जानकारी है और आतंकियों की मदद कर रहे हैं।
गाइडों की तलाश में सेना कर रही पूछताछ
सूत्रों के अनुसार इन गाइड को बफलियाज से लेकर बिंबर गली तक के 10 से 20 किलोमीटर के जंगल की पूरी जानकारी है। जंगल में कहां-कहां छुपने के ठिकाने हैं। कहां से कहां निकला जा सकता है और कहां से निकलकर इन तक खाने-पीने का सामान पहुंचाया जा सकता है, इन गाइड को यह तमाम जानकारियां हैं। इन्हीं गाइड की मदद से आतंकी एक जगह से दूसरी जगह घात लगाकर सेना के जवानों पर हमला कर रहे हैं। साथ ही सुरक्षित ठिकानों में बैठ कर हमले कर रहे हैं। इन गाइड का पता लगाने के लिए सेना कई लोगों से पूछताछ कर रही है।
माना जा रहा है कि आतंकियों के साथ ऐसे गाइड हैं, जो पिछले कई महीनों से जंगलों की रेकी कर आतंकियों के लिए महफूज ठिकाना बना रहे थे। इनकी तलाश के लिए कई जगहों पर सेना की ओर से पूछताछ की गई है।