मेंढर सब डिवीजन में पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भाटादूड़ियां गांव में लोग घरों में कैद हैं। गांव के इस मोहल्ले से कुछ ही दूरी पर नाड़ खास जंगल में मुठभेड़ चल रही है। बड़ी संख्या में सैन्य बल तैनात हैं, लेकिन गोलियां चलने और गोलाबारी के चलते लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। मक्की की पैदावार घरों की छतों पर सुखाने के लिए रखी गई है, जिसे लोग समेट भी नहीं पा रहे हैं।
पुंछ मुठभेड़: छत पर जा नहीं सकते, धूप में बैठ नहीं सकते...कुछ ऐसे बसर हो रही है लोगों की जिंदगी
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आतंकियों का डर अलग से सता रहा है। इस बीच पुंछ-राजोरी हाईवे पर यातायात भी बंद है, जिससे ग्रामीणों के अलावा आसपास के लोग भी परेशान हो रहे हैं। लोग दुआ कर रहे हैं कि जल्द से जल्द आतंकी ढेर किए जाएं और उनका जीवन सामान्य पटरी पर लौट आए।
सोमवार से अब तक इस ऑपरेशन में दो जेसीओ समेत नौ जवान शहीद हो गए हैं। वहीं, आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन की कमान अब पैरा कमांडो ने अपने हाथ में ले ली है। सेना की अन्य टुकड़ियां अब बाहरी घेरे में हैं। जंगल के भीतर रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। मुठभेड़ के चलते राजोरी-पुंछ हाईवे पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। 14 अक्तूबर की शाम से हाईवे बंद किया गया है।
डीआईजी राजोरी-पुंछ रेंज विवेक गुप्ता के अनुसार पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। ऑपरेशन पूरा होते ही राजोरी-पुंछ हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। पिछले दो माह से राजोरी-पुंछ के जंगलों में मौजूद आतंकियों से पहली मुठभेड़ चमरेड़ में सोमवार को हुई थी। इसके बाद आतंकियों से पंगेई और फिर मेंढर में भाटादूड़ियां के जंगल में कांटेक्ट हुआ है।
दुरूह जंगल में आतंकियों की घेराबंदी को अभेद्य बनाए रखने के लिए सेना के ऑपरेशन में लगातार निगरानी और सर्विलांस की जा रही है। दिन के समय हेलिकॉप्टर से नजर रखी जा रही है और रात को रोशनी गोले दागे जा रहे हैं।