पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर पाकिस्तान का राग अलापा है। कहा कि जम्मू-कश्मीर में अगर शांति लानी है तो उसके लिए पाकिस्तान की रजामंदी जरूरी है। वह रविवार को कार्यकर्ताओं से बैठक के बाद मीडिया से बात कर रही थीं। महबूबा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मुल्क में हालात ऐसे हो गए हैं कि आप पाकिस्तान और चीन की क्या बात करते हैं उन्हें छोड़िए हमारे तो नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका तक से संबंध अच्छे नहीं हैं। भाजपा वाले कहते हैं कि पाकिस्तान से बात नहीं करेंगे वह यहां बंदूकें भिजवाता है, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी ने मुशर्रफ से बात कर बंदूकें भिजवाना बंद करा दिया था। उनके पास तो इतनी सीटें भी नहीं थीं, जितनी आज भाजपा के पास हैं। इसके बावजूद वो केवल पाकिस्तान से जंग की बात करते हैं।
महबूबा ने अलापा पाकिस्तान का राग, किसान आंदोलन पर बोलीं- कुछ गुंडों को लाल किले तक पहुंचाकर...
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महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं फिर कहती हूं कि जम्मू-कशमीर में अमन लाना है तो पाकिस्तान की रजामंदी जरूरी है। पाकिस्तान से रिश्ते खराब होते हैं तो सीमाओं पर बसने वाले लोग मुश्किल में पड़ जाते हैं। चीन से रिश्ते खराब हुए तो हमारे 20-22 जवान शहीद हो गए, लेकिन भाजपा को देश से कुछ लेना देना नहीं है। वो तो केवल चुनाव जीतने की मशीन बनी हुई है। इसके लिए इन्होंने एक फार्मूला बनाया है हिंदुओं को मुसलमानों से लड़ाओ।
किसान आंदोलन पर महबूबा ने कहा कि जिनके लिए सरकार कानून बनाती है उनकी राय लेनी भी जरूरी है, लेकिन भाजपा ने ऐसा नहीं किया। दो माह से किसान सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। 26 जनवरी को जो दिल्ली में हुआ, कुछ गुंडों को लाल किले तक पहुंचा कर जो झंडा लगवाया गया, वह शर्मनाक है। किसानों को बदनाम करने की कोशिश है। जहां सीएए के खिलाफ आंदोलन में भाग लेने वालों को पाकिस्तानी होने की बात कही गई थी। वहीं किसान आंदोलन में भाग लेने वालों को खालिस्तानी बताया जा रहा है। सरकार हिंदू-मुस्लिम और हिंदू-सिखों को लड़ाने की कोशिश कर रही है। सरकार के पास कुछ भी नहीं है। वो केवल लोगों की मुश्किलें बढ़ाने और लोगों को लड़वाने से ज्यादा कुछ नहीं कर रही है।
इससे पहले पार्टी को एकजुट रखने के लिए यहां पहुंचा महबूबा मुफ्ती ने डाक बंगले में पीडीपी कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्हें संबोधित करते हुए इमोशनल कार्ड खेला और कहा कि जम्मू-कश्मीर को पहले की तरह बनाने के लिए हमें संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।
कहा कि जब किसी का पिता मर जाता है तो वह अपने पीछे जमीन, जायदाद, मकान दुकान छोड़ जाता है, लेकिन मेरे पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की जायदाद और सरमाया आप हो। हम सबको मिलकर मुफ्ती साहब का ख्वाब पूरा करना है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने, कश्मीर में एनआईए की कार्रवाई, फारेस्ट एक्ट और डोमिसाइल कानून को लेकर भाजपा पर भड़ास निकाली।