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PICS: पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में अचानक से रोने लगीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 14 Jan 2017 12:02 AM IST
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mehbooba mufti
- फोटो : Amar Ujala
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मुफ्ती मोहम्मद सईद को अपने परिवार से ज्यादा अवाम और उसके कल्याण की चिंता थी। उन्होंने हर वक्त इनके लिए सपना देखा। वे हमेशा रियासत के लोगों की खुशहाली की चिंता किया करते थे। यह कहना है मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का।
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पूर्व मुख्यमंत्री और पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की जीवनी पर आधारित पुस्तक और वेबसाइट के उद्घाटन समारोह में बालते हुए महबूबा ने कहा कि उनके पिता आम लोगों की समस्याओं तथा दिक्कतों से जूझते रहते थे। वे हरवक्त सलाह देेते थे कि लोगों की सेवा सभी प्रकार की इबादत से बड़ी है। इस दौरान महबूबा के भाई तसद्दुक मुफ्ती भी मौजूद थे। पीडीपी में शामिल होने के बाद तसद्दुक मुफ्ती पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में महबूबा पिता को याद कर रुआंसी हो गईं। बोलते समय उनका गला भर आया। आंखों से आंसू भी निकले। इस वजह से वे कार्यक्रम में संक्षिप्त में ही बोलीं।
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कनाल रोड स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में महबूबा ने कहा कि उनके पिता के महान गुणों में से एक यह भी था कि उन्होंने परिवार के सदस्यों को आम लोगों का जीवन जीने की शिक्षा दी, जबकि वे सत्ता में भी रहे। उन्होंने हमेशा लोगों को परिवार के विस्तारित हिस्से के रूप में माना और उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया।
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मुफ्ती के करीबी सहयोगी सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद का बहुआयामी व्यक्तित्व था। वह अपने राजनीतिक जीवन में जमीन से जुड़े यथार्थवादी नेता थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कभी ऐसा वादा नहीं किया जिसे वह पूरा नहीं कर सकते थे। क्षेत्रीय, धार्मिक या वैचारिक जुड़ाव की परवाह किए बगैर उनमें हर किसी को साथ ले चलने की अनोखी ताकत थी।
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पूर्व मुख्यमंत्री के एक अन्य करीबी मो. सईद मलिक ने कहा कि वे इंसान और इंसानियत की कद्र करना जानते थे। उन्होंने हमेशा खुद को स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटनाक्रमों से जोड़े रखा।