दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के काकपोरा में सीआरपीएफ कैंप पर हमले की जांच शुरू कर दी गई है। सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी वीएसके कमुदी ने कहा कि हमले की जांच शुरू कर दी गई है। सीआरपीएफ आतंकवाद के मोर्चे पर डटकर काम करेगी। आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ जवान चंद्रिका प्रसाद को सोमवार को श्रीनगर में श्रद्धांजलि दी गई। वह उत्तराखंड के जिला उधमसिंह नगर के खेलारिया गांव के निवासी थे। अब परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।
हुमहामा में सीआरपीएफ के आरटीसी मुख्यालय में स्पेशल डीजी वीएसके कमुदी, आईजी कश्मीर एसपी पाणि सहित अन्य अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी। साथी जवानों ने नम आंखों के साथ और चंद्र्रिका प्रसाद अमर रहे के नारे लगा रहे थे। इसके बाद एयर इंडिया के विमान से शव को पैतृक आवास भेजा गया।
स्पेशल डीजी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पंचायत चुनाव चल रहे हैं। उम्मीद है कि इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी होगी। कहा कि सभी बलों के बीच समन्वय बेहतर है। हम यहां पर लोगों की बीच शांति और अमन बहाली के लिए काम करते हैं। स्थानीय लोगों को अगवा कर उनके साथ जो ज्यादती की गई वह सारे लोग देख रहे हैं।
ज्ञात हो कि कांस्टेबल चंद्रिका प्रसाद उस समय गंभीर रूप से घायल हुए जब 2 से 3 अज्ञात आतंकियों ने रविवार शाम काकपोरा रेलवे ट्रैक के करीब सीआरपीएफ की डी-183 कंपनी के कैंप पर हमला किया। संतरियों पर पहले यूबीजीएल दागे और बाद में बर्स्ट फायर किया। उन्हे तुरंत नजदीक के अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।