पहाड़ों के गर्भ में उथल पुथल और चट्टानों के चलने के बीच बड़े ढांचे खड़े करना और सुरंगें खोदना जटिल और जोखिम भरा होता है। तमाम चुनौतियाें के बावजूद जम्मू-कश्मीर में इंजीनियरिंग के अजूबे वजूद में आ रहे हैं। कहीं देश की सबसे लंबी सुरंग बन गई है तो कहीं दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल। मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बीच प्रदेश में ऐसी कई योजनाएं जो अपने आप में दुनिया के लिए मिसाल बनी हैं तो कुछ इस मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मुश्किल हालात में कीर्तिमान रचते इंजीनियरों का जीवट हैरान करता है।
जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों को चीरकर बनाए गए इंजीनियरिंग के नायाब अजूबे, तस्वीरें देख हैरान रह जाएंगे
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चिनैनी नाशरी टनल
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बनकर तैयार टनल उधमपुर जिले के चिनैनी इलाके से रामबन जिले के नाशरी इलाके तक नौ किलोमीटर लंबी है। यह टनल अत्याधुनिक तकनीक से तैयार की गई है। टनल के आसपास वाला इलाका भूस्खलन के लिए जाना जाता है।
बांदीपोरा में झेलम की सहायक नदी किशनगंगा के पानी से बिजली तैयार करने के लिए असाधारण परियोजना है। 330 मेगावाट क्षमता वाली परियोजना में पहाड़ का सीना चीरकर खोदे गए एक किलोमीटर गहरे कुएं को दुनिया में अनोखी मिसाल कहा जा सकता है। प्रेशर शाफ्ट यानी दबाव कुएं की इतनी गहराई दुनिया में मिलना मुश्किल है।
सबसे ऊंचा है रियासी का रेलवे पुल
घाटी को रेलवे से देश के साथ जोड़ने के लिए रियासी जिले में बनाया गया रेलवे पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। रेलवे के अनुसार इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर है। कटड़ा-बनिहाल के बीच रियासी में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल तेजी से बनाया जा रहा है। पुल के तैयार होते ही ट्रेन सीधा कश्मीर जा सकेगी।
हिमालय की पर्वत शृंखला दुनिया की सबसे ऊंची और लंबी होने के साथ साथ सबसे युवा भी है। 50 मिलियन वर्ष पूर्व वजूद में आई इस पर्वत शृंखला के नीचे पांच बड़े फॉल्ट और असंख्य दरारें हैं। इन्हीं दरारों से फूटने वाली ऊर्जा चट्टानों को स्थान बदलने के लिए मजबूर करती है।