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जम्मू-कश्मीर: गरीबी ने पिता छीना तो लॉकडाउन में मां की मौत, भुखमरी के कगार पर भाई-बहन
Fri, 21 May 2021 12:34 PM IST
करिश्मा चिब
विकास बड़ू, अमर उजाला, जम्मू
विकास बड़ू, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 21 May 2021 12:34 PM IST
सार
कोरोना कर्फ्यू के दौरान दोनों मासूम बच्चों की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।
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बहन-भाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मां की मौत के बाद जो राशन था वह भी खत्म हो गया है। कुछ लोग मदद कर रहे हैं, लेकिन हम दोनों बहन-भाई का क्या होगा। कुछ समझ में नहीं आ रहा है। न कोई रास्ता दिख रहा है और न ही कोई सहारा है। अब हम सिर्फ भगवान भरोसे ही हैं। रियासी के निवासी 13 वर्षीय किशोरी रावी (काल्पनिक नाम) ने आपबीती सुनाते हुए सरकार एवं प्रशासन से सुध लेने की गुहार लगाई है।
गौरतलब रहे कि 13 वर्षीय किशोरी और 10 वर्षीय अनुज (काल्पनिक नाम) के पिता जयसिंह की तीन साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वहीं, कुछ दिन पहले लॉकडाउन में इलाज नहीं करवा पाने के कारण मां ज्योति देवी भी दुनिया से रुखस्त हो गई। कुछ दिन से उनकी बुआ यहां आ कर बच्चों की देखभाल कर रही हैं, लेकिन उनके घर लौटते ही बच्चे बेसहारा हो जाएंगे।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: भरस रहा कोरोना का कहर, लॉकडाउन में थाली से गायब हुईं ताजा सब्जियां
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गौरतलब रहे कि 13 वर्षीय किशोरी और 10 वर्षीय अनुज (काल्पनिक नाम) के पिता जयसिंह की तीन साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वहीं, कुछ दिन पहले लॉकडाउन में इलाज नहीं करवा पाने के कारण मां ज्योति देवी भी दुनिया से रुखस्त हो गई। कुछ दिन से उनकी बुआ यहां आ कर बच्चों की देखभाल कर रही हैं, लेकिन उनके घर लौटते ही बच्चे बेसहारा हो जाएंगे।
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रावी समझदार है और अब उसे अपने व भाई के पालन-पोषण की चिंता सताने लगी है। रावी मौजूदा समय में आठवीं और अनुज पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। रावी का कहना है कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है कि आगे क्या होगा। घर का खर्च कैसे चलेगा, कौन हमें संभालेगा। हमारा कोई नहीं है। मां को याद कर दोनों बच्चों के आंसू निकल रहे हैं।
नहीं मिली कोई प्रशासनिक मदद
जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी स्थित एक गांव में बेसहारा हुए भाई-बहन के पास अभी तक कोई प्रशासनिक अधिकारी और नेता नहीं पहुंचा है। सभी सरकारी योजनाएं और सहायता हवा हवाई साबित हो रही हैं। कोरोना संकट के बीच बच्चे परेशान हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग आए मदद को
दोनों मासूमों की बुआ ही कुछ दिन से देखभाल कर रही हैं। कोरोना कर्फ्यू के दौरान दोनों मासूम बच्चों की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इसके बाद कुछ लोग मदद के लिए पहुंचे हैं। लेकिन जिला प्रशासन और अधिकारियों ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है।
नहीं मिली कोई प्रशासनिक मदद
जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी स्थित एक गांव में बेसहारा हुए भाई-बहन के पास अभी तक कोई प्रशासनिक अधिकारी और नेता नहीं पहुंचा है। सभी सरकारी योजनाएं और सहायता हवा हवाई साबित हो रही हैं। कोरोना संकट के बीच बच्चे परेशान हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग आए मदद को
दोनों मासूमों की बुआ ही कुछ दिन से देखभाल कर रही हैं। कोरोना कर्फ्यू के दौरान दोनों मासूम बच्चों की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इसके बाद कुछ लोग मदद के लिए पहुंचे हैं। लेकिन जिला प्रशासन और अधिकारियों ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है।